जिला उपभोक्ता आयोग
-जिला उपभोक्ता आयोग ने छह फीसदी ब्याज के साथ बुकिंग राशि लौटाने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। निर्माण की गुणवत्ता पसंद नहीं आने पर खरीदार के फ्लैट की बुकिंग के रद्द करने पर बिल्डर को जमा पैसा लौटाना होगा। ऐसे ही एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने फ्लैट की बुकिंग रद्द करने पर बुकिंग राशि 50 हजार रुपये 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन में लौटाने का आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने यह आदेश दिया है।
अल्फा-वन निवासी भावना जैन ने महालक्ष्मी बिल्डटैक लिमिटेड के आवासीय योजना महालक्ष्मी ग्रीन मैनसन मिक्सन ड्रीम लीव में एक फ्लैट बुक किया था। 51 हजार रुपये बुकिंग के भुगतान किए। 26 अक्तूबर 2017 को बिल्डर के कार्यालय पर जाकर बुक कराए गए फ्लैट पर गए। बिल्डर के द्वारा बताई गई सुविधा और कमियां मिली। परियोजना से संबंधी दस्तावेज भी नहीं दिखाए गए। जिसकी शिकायत बिल्डर से की गई। उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। बिल्डर के प्रोजेक्ट को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से भी स्वीकृति नहीं थी। उसने बुकिंग रद्द कराने और जमा पैसा वापस की मांग की। लेकिन बिल्डर ने पैसा वापस नहीं दिया।
जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर करके बुकिंग राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई। आयोग में सुनवाई के दौरान बिल्डर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि खरीदार के बुक कराए गए फ्लैट की बाबत दस फीसदी 343091 रुपया जमा करना था। बाकी 90 फीसदी कब्जे के समय अदा करनी थी। खरीदार कंपनी का डिफाल्टर है। उसके द्वारा पूर्ण भुगतान नहीं कर पा रहे है। आयोग ने माना कि खरीदार के बुकिंग करने के बाद गुणवत्ता व अन्य सवाल उठाकर पैसा वापस करने की मांग की गई। बिल्डर ने बुकिंग रद्द करके पैसा वापस नहीं करके सेवा में कमी की है। आयोग ने बिल्डर को आदेश दिया है कि वे खरीदार की बुकिंग को रद्द करके जमा किए 51 हजार रुपये 6 फीसदी ब्याज समेत 30 दिन के अंदर भुगतान करेगा। पांच हजार रुपये वाद व्यय और पांच हजार रुपये मानसिक संताप के भी देने होंगे।