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बिल्डर की संपत्ति होगी नीलाम, खरीदार में जागी उम्मीद

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बिल्डर की संपत्ति होगी नीलाम, खरीदार में जागी उम्मीद
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) पर गाजियाबाद प्रशासन आइडिया बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड से वसूली नहीं कर सका था। अब स्थानीय प्रशासन बिल्डर की संपत्ति को नीलाम कर खरीदारों की रकम वसूलेगा। नीलामी की प्रक्रिया शुरू होने पर खरीदारों में उम्मीद जगी है। खरीदारों ने बताया कि गाजियाबाद में आइडिया बिल्डर्स का रेड एप्पल रेजीडेंसी नाम से प्रोजेक्ट है। इसमें 400 फ्लैट हैं। बिल्डर ने सभी को समय पर कब्जा नहीं दिया और पैसे भी वापस नहीं करें। परेशान खरीदारों ने यूपी रेरा में शिकायत की। 15 शिकायतों पर यूपी रेरा की पीठ ने 8 अगस्त, 2019 को बिल्डर को ब्याज समेत पैसा लौटाने का आदेश दिया, लेकिन उसने आदेश का पालन नहीं किया। इस पर यूपी रेरा ने फरवरी, 2020 में आरसी जारी कर दी। 15 खरीदारों की 6.23 करोड़ की आरसी जारी की गई, लेकिन गाजियाबाद जिला प्रशासन आरसी पर वसूली नहीं कर सका। खरीदारों ने बताया कि प्रशासन का कहना था कि बिल्डर नहीं मिल रहा है। यूपी रेरा और गाजियाबाद प्रशासन के अधिकारियों से बार-बार मुलाकात की। अब प्रशासन ने नूरनगर स्थित बिल्डर की संपत्ति को नीलाम करने का फैसला लिया है। नीलामी का दिन 24 दिसंबर रखा गया है। नीलामी होने से खरीदारों में पैसा वापस मिलने की उम्मीद जागी है। हालांकि, खरीदारों का कहना है कि बिल्डर पर कई एफआईआर दर्ज हैं। उसे गिरफ्तार करना चाहिए। साथ ही प्रशासन संपत्ति सीज कर जांच करें।
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आदेश का पालन नहीं होने से वाराणसी के खरीदार भी परेशान
उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के आदेशों का पालन नहीं होने से वाराणसी के खरीदार भी परेशान हैं। यूपी रेरा की ऑनलाइन कार्यशाला में खरीदारों ने अपनी समस्याएं रखीं। यूपी रेरा के चेयरमैन राजीव कुमार ने उनसे लिखित प्रार्थना पत्र मांगा है। ऑनलाइन कार्यशाला में चेयरमैन राजीव कुमार और सदस्य कल्पना मिश्रा के अलावा वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राहुल पांडेय के साथ 60 से अधिक खरीदार मौजूद रहे। चेयरमैन ने खरीदारों को बताया कि जो प्रोजेक्ट यूपी रेरा में पंजीकृत नहीं हैं, वहां पर फ्लैट या प्लॉट नहीं खरीदें। बिल्डर को यूपी रेरा के पंजीकरण नंबर को प्रदर्शित करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर प्रोजेक्ट की कुल कीमत का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जा सकता है। खरीदार प्रोजेक्ट के एक्सक्रो अकाउंट में ही पैसा जमा करें। खरीदारों ने अवैध प्रोजेक्टों के बारे में जानकारी ली। इस पर चेयरमैन ने कहा कि जो प्रोजेक्ट अवैध हैं, वह यूपी रेरा में पंजीकृत नहीं हो सकता। कोई खरीदार ऐसे प्रोजेक्ट में फंसा है तो वह उपभोक्ता फोरम जा सकता है।
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