ट्रिब्यूनल में बिल्डर की अपील खारिज, खरीदार शुरू करेंगे निर्माण
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट एपीलेट ट्रिब्यूनल ने संपदा लीविया प्रोजेक्ट के पंजीकरण रद्द करने के आदेश के खिलाफ की गई बिल्डर की अपील को खारिज कर दिया है। अपील खारिज होने के बाद खरीदार खुश हैं। अब संपदा लीविया बायर्स वेलफेयर एसेसिएशन (एसएलबी) प्रोजेक्टों को पूरा कराने के लिए निर्माण शुरू करेगी। वहीं, बिल्डर का कहना है कि आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
ग्रेटर नोएडा के चाई-फाई सेक्टर में पीएसए इंपेक्स बिल्डर का संपदा लीविया प्रोजेक्ट है। यूपी रेरा ने खरीदारों की शिकायत पर 30 सितंबर, 2019 को प्रोजेक्ट का पंजीकरण रद्द कर दिया था। जबकि, 6 जून, 2020 को एक आदेश जारी कर प्रोजेक्ट पूरा करने की जिम्मेदारी एसएलबी को दे दी। 26 जून को एसएलबी को प्रोजेक्ट पर कब्जा देने का आदेश जारी किया गया। यूपी रेरा की कार्रवाई के खिलाफ बिल्डर ने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने यथास्थिति रखकर बिल्डर को ट्रिब्यूनल में अपील करने का आदेश दिया। इसके बाद बिल्डर ने ट्रिब्यूनल में अपील की। जहां एसएलबी की तरफ से अधिवक्ता कौशल नारायण मिश्रा ने खरीदारों का पक्ष रखा। सुनवाई के बाद मंगलवार को ट्रिब्यूनल ने यूूपी रेरा के आदेश को सही ठहराकर बिल्डर की अपील को खारिज कर दिया है। बायर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट को पूरा करने का काम दीवाली तक शुरू कराने का प्रयास रहेगा। प्रोजेक्ट में कुल 726 फ्लैट हैं। इनमें से 355 फ्लैटों की बुकिंग हो चुकी है। प्रोजेक्ट को पूरा करने में करीब 240 करोड़ की जरूरत होगी।
355 खरीदार 8 साल से इंतजार कर रहे हैं
खरीदारों ने वर्ष 2012 में फ्लैट की बुकिंग की थी, तब बिल्डर ने 2015 तक कब्जा देने का वादा किया था। बाद में कब्जा देने का समय 2019 कर दिया गया। प्रोजेक्ट पर अब भी काफी काम अधूरा है। कब्जा नहीं मिलने पर खरीदारों ने प्राधिकरण और यूपी रेरा में शिकायत की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। प्रोजेक्ट पूरा नहीं होने के कारण 355 खरीदार 8 साल से घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट के 47 करोड़ रुपये का भी डायवर्जन किया गया है। इसकी शिकायत लखनऊ ईडी से की गई है। ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद पूर्ण विश्वास है कि न्याय जरूर मिलेगा। हालांकि, न्याय मिलने में देरी हो रही है।
- डॉ. अकांक्षा, अध्यक्ष, एसएलबी
प्रोजेक्ट का पंजीकरण रद्द करने की अपील को ट्रिब्यूनल में रद्द किया है। आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। ट्रिब्यूनल में यूपी रेरा के 6 और 26 जून के आदेश के खिलाफ अपील लंबित है। इनमें फैसला आना बाकी है।
- राजकुमार, प्रोमोटर, पीएसए इंपेक्स
ट्रिब्यूनल ने यूपी रेरा के आदेश को सही माना है। बिल्डर ने रेरा एक्ट का उल्लंघन किया है। अपील खारिज होने के बाद अब प्रोजेक्ट को पूरा कराने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। बायर्स एसोसिएशन निर्माण कार्य कराएगी।
- बलविंदर कुमार, सदस्य, यूपी रेरा