लंबे समय से इंतजार कर रहे कैपिटल इंफ्रा होम्स के 900 खरीदारों में आशियाने की आस फिर से जागी है। एसबीआई कैप के जरिए बिल्डर को स्ट्रेस फंड जारी हो गया है। बीते मार्च में मंजूरी मिली थी। प्राधिकरण को भी जमीन के एवज में 31 करोड़ रुपये मिल गए हैं। तीन और बिल्डरों को भी स्ट्रेस फंड से जल्द मदद मिलने की उम्मीद है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि कैपिटल इंफ्रा होम्स को 165 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता बीते माह ही स्वीकृत हो गई थी। अब उसे किस्त जारी हो गई है। इसमें से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को भी जमीन के एवज में 31 करोड़ रुपये मिल गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट में 900 फ्लैट हैं, जो दो चरण में पूरे होंगे। पहले चरण में अक्तूबर 2021 तक 450 और दूसरे चरण में फरवरी 2022 तक 450 फ्लैट पूरे हो जाएंगे। इसके बाद खरीदारों को फ्लैट मिल सकेंगे। कैपिटल इंफ्रा होम्स पहला प्रोजेक्ट है, जिसे स्ट्रेस फंड से वित्तीय मदद मिली है। इतनी बड़ी रकम एकमुश्त मिलने से प्राधिकरण भी गदगद है। कोरोना काल में पहली बार इतनी रकम प्राधिकरण के खाते में जमा हुई है।
2019 में केंद्र सरकार ने बनाया था स्ट्रेस फंड
दरअसल, खुद के आशियाने की आस में हजारों खरीदारों ने बिल्डरों के प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक करा लिए और किस्त देते रहे। बिल्डर ने इस पैसे से प्रोजेक्ट को पूरा कराने के बजाय कहीं और खर्च कर दिए। वित्तीय संकट होने से प्रोजेक्ट अधूरे रह गए। खरीदार लंबे समय से फ्लैट पर पजेशन मिलने की आस लगाए बैठे हैं। भारत सरकार ने 2019 में ऐसी तमाम परियोजनाओं को पूरा करने के लिए स्ट्रेस फंड बनाया। इसके तहत कई शर्तें तय कर दीं। कई बिल्डरों ने इस फंड के लिए आवेदन किए। अब बिल्डरों को इस फंड से वित्तीय मदद मिलनी शुरू हो गई है।