ग्रेटर नोएडा के बोडाकी में आयोजित भैंसा बुग्गी दौड़ प्रतियोगिता में भाग लेते प्रतिभागी । स्रोत
- बोड़ाकी में आयोजित प्रतियोगिता में दस टीमें हुईं शामिल, जुटे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। दादरी कोतवाली क्षेत्र के बोड़ाकी गांव में रविवार को बिना अनुमति भैंसा-बुग्गी दौड़ प्रतियोगिता करा दी गई। आयोजन में दस टीमें शामिल हुईं। प्रतियोगिता देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी पहुंचे। प्रतियोगिता में ललित राजपुर की टीम ने पहला, गोलू दादरी ने दूसरा और देवा नवादा की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। हालांकि प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आयोजकों ने न पुलिस-प्रशासन से अनुमति ली थी और न ही पशुपालन विभाग को इसकी पूर्व सूचना दी गई थी। पशुपालन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करा दी है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि दौड़ के दौरान किसी पशु के साथ क्रूरता तो नहीं हुई।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार सचान ने बताया कि भैंसा-बुग्गी दौड़ आयोजित करने से पहले पशुपालन विभाग को सूचना देकर अनुमति लेना जरूरी है। बोड़ाकी में आयोजित प्रतियोगिता के संबंध में विभाग को कोई सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि संबंधित पशु चिकित्साधिकारी से मामले की जांच कराई जा रही है। एसीपी प्रशाली गंगवार ने भी स्पष्ट किया कि भैंसा-बुग्गी दौड़ के आयोजन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी।
चार राउंड में हुई प्रतियोगिता
आरटीवी बोड़ाकी खेल प्रतियोगिता की ओर से आयोजित दौड़ का शुभारंभ जीवन ज्योति शिक्षा समिति ट्रस्ट बोड़ाकी के संस्थापक अध्यक्ष जितेंद्र सिंह भाटी ने फीता काटकर किया। आसपास के गांवों से भी प्रतिभागी प्रतियोगिता में पहुंचे थे। चार राउंड की दौड़ देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे रहे। दौड़ शुरू होते ही दर्शकों ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाली टीमों को सम्मानित किया गया।
इन दों बिंदुओं के आधार पर होगी जांच
बगैर अनुमति प्रतियोगिता कैसे आयोजित हुई?
पशुओं के साथ कैसा व्यवहार हुआ?