-अमर उजाला ने 17 सितंबर के अंक में उठाया था आरटीई प्रतिपूर्ति का मुद्दा
अमर उजाला इंपैक्ट
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों की फीस प्रतिपूर्ति का इंतजार अब खत्म होने लगा है। विभागीय स्तर पर अटकी फाइलों के निस्तारण के बाद करीब पांच करोड़ रुपये छात्रों और स्कूलों के खातों में पहुंच गए हैं। इससे लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे स्कूलों और अभिभावकों को राहत मिली है।
आरटीई के तहत जिले के निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को 25 प्रतिशत सीटों पर दाखिला दिया जाता है। इन बच्चों की फीस की प्रतिपूर्ति सरकार की ओर से की जाती है। इसके लिए करीब 15 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था, लेकिन विभागीय प्रक्रिया के कारण भुगतान अटक गया था।
अमर उजाला ने 17 सितंबर के अंक में आरटीई का बजट विभाग की फाइलों में लटका शीर्षक से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। खबर में बताया गया था कि महीनों से भुगतान अटका होने के कारण 450 से अधिक निजी स्कूल और हजारों बच्चे प्रभावित हैं।
अब फाइलों के निस्तारण के बाद करीब पांच करोड़ रुपये खातों में पहुंचने से भुगतान प्रक्रिया आगे बढ़ी है। हालांकि, अभी पूरी धनराशि का भुगतान होना बाकी है। बीएसए राहुल पंवार ने बताया कि पांच करोड़ रुपये पहुंच गए हैं। कुछ छात्रों की खाता संख्या गलत होने के कारण उनका भुगतान रुक गया है। जल्द ही उनके लिए भी बजट जारी कर दिया जाएगा।