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Noida News: आउटसोर्सिंग से संचालित होंगी बीएसएल-3 और जीनोम सीक्वेंसिंग लैब

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आउटसोर्सिंग से संचालित होंगी बीएसएल-3 और जीनोम सीक्वेंसिंग लैब
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-एमबीबीएस इंटर्न के 100 पद सृजित कराने के निर्देश, एलुमनी सेल गठित करने की मिली अनुमति

-जिम्स की शासकीय निकाय की आठवीं बैठक मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में हुई सम्पन्न

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में सोमवार को राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) की शासकीय निकाय की आठवीं बैठक में बहुप्रतिक्षित दो अहम फैसले हुए। अस्पताल की बीएसएल-3 लैब और जीनोम सीक्वेंसिंग लैब आउट सोर्सिंग से संचालित होगी। इसका फायदा क्षेत्र के मरीजों को होगा। इसके अलावा जिम्स में 100 इंटर्न के पद सृजित करने की छूट मिल गई है। इससे अस्पताल में इंटर्न डॉक्टर जिम्स अस्पताल की व्यवस्था संभालेंगे।

मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने प्रदेश में जिम्स को एमबीबीएस प्रवेश के लिए नीट छात्रों की तीसरी पसंद बनने एवं संस्थान के नर्सिंग कॉलेज को प्रदेश में मेंटर बनने पर प्रबंधन को बधाई। बैठक में जिम्स निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने आने वाले वर्ष का एजेंडा प्रस्तुत किया। इस दौरान लंबे अर्से से बनकर खाली पड़ी जिम्स की बीएसएल-3 लैब एवं जीनोम लैब को आउटसोर्सिंग से संचालित करने की अनुमति प्रदान की। संस्थान में परास्नातक पाठयक्रम शुरू किए जाने के लिए अतिरिक्त पदों के साथ ही एमबीबीएस इन्टर्न के 100 पद सृजित कराने के निर्देश दिए।
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मुख्य सचिव ने कहा, अन्य स्वशासी राजकीय महाविद्यालयों में प्रचलित नर्सिंग नियमावली को अपनाकर नर्सिंग व अन्य गैर संकाय सदस्यों को दीन दयाल उपाध्याय कैश लैस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। संस्थान के पास आउट छात्रों की एलुमनी सेल बनाने की अनुमति भी प्रदान की गयी। बैठक में प्रमुख सचिव आलोक कुमार, महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण किंजल सिंह, विशेष सचिव वित्त विभाग समीर वर्मा, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा अमनदीप डुली, ले. जनरल विपिन पुरी, चाइल्ड पीजीआई निदेशक डॉ. एके सिंह आदि सदस्यों ने हिस्सा लिया।
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विदेश से डिग्री लेकर दो माह से प्रशिक्षण ले रहे इंटर्न को नहीं मिल रहा था भत्ता
यूक्रेन से डिग्री पाने वाले भारतीयों को जिम्स में इंटर्न करने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन की ओर से भेजा गया था। दो माह से यह इंटर्न जिम्स में प्रशिक्षण ले रहे हैं। सभी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न को 12 हजार रुपये भत्ता मिलता है। अब पदों के सृजन पर इन इंटर्न को भी भत्ता मिलने लगेगा। अगले वर्ष से जिम्स के चार वर्ष पास करने वाले विद्यार्थी इंटर्न बनने लगेंगे।
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