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Noida News: बीएसएफ हॉकी कोच की सजा बरकरार

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-12 वर्षीय छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में पाए गए हैं दोषी
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गौरव बाजपेई



नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के पूर्व इंस्पेक्टर और हॉकी कोच सरबराज सिंह की दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है। सिंह पर 12 वर्षीय नाबालिग छात्रा पर यौन हमले का आरोप था। इसके लिए उन्हें जनरल सिक्योरिटी फोर्स कोर्ट (जीएसएफसी) द्वारा पांच वर्ष की सख्त कैद और सेवा से बर्खास्तगी की सजा सुनाई गई थी।
न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की डिविजन बेंच ने 17 सितंबर 2025 को दिए फैसले में कहा कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है। ट्रायल में प्रक्रियागत अनियमितताएं इतनी गंभीर नहीं हैं कि वे दोषसिद्धि को अमान्य करें। मामला दिसंबर 2021 का है, जब पीड़िता, जो बीएसएफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जालंधर में हॉकी कोचिंग ले रही थी, ने आरोप लगाया कि सरबराज सिंह ने कोहरे का फायदा उठाकर उसे अकेला किया और गलत तरीके से छुआ। पीड़िता ने घटना की जानकारी अपनी सहपाठी को दी, फिर मां को बताई, जिसके बाद पिता ने बीएसएफ अधिकारियों से शिकायत की।
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बीएसएफ ने अनुशासनिक कार्रवाई शुरू की और जीएसएफसी ने 28 जून 2022 को सिंह को दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष की कैद और सेवा से बर्खास्तगी की सजा सुनाई। रिवीजन कोर्ट ने 14 नवंबर 2022 को फैसला बरकरार रखा, जिसकी पुष्टि एडीजी (वेस्टर्न कमांड) ने 24 नवंबर 2022 को की। सिंह की पोस्ट-कन्फर्मेशन याचिका और सजा निलंबन की अपील को डीजी बीएसएफ ने 25 जनवरी 2023 को खारिज कर दिया। सिंह ने इन आदेशों को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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