बहन को ईमेल भेजकर भाई ने पत्नी के साथ जान दी
नोएडा। सेक्टर-120 स्थित आम्रपाली जोडियक सोसाइटी निवासी शेयर ब्रोकर दंपती ने शुक्रवार दोपहर छत के कुंडे से कपड़े के सहारे लटककर एक साथ आत्महत्या कर ली। महिला के मामा की सूचना पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शवों को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आशंका जताई जा रही है कि शेयर में नुकसान होने के बाद दोनों ने आत्महत्या की। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से नौबस्ता, कानपुर निवासी विनीत सिन्हा (34) पत्नी श्वेता (32) के साथ सोसायटी के फ्लैट में किराये पर रहते थे। बृहस्पतिवार रात विनीत ने बहन अनुराधा को एक ईमेल किया था। इसमें जिंदगी खत्म करने की बात कही थी। शुक्रवार दोपहर को अनुराधा ने ईमेल देखा तो तुरंत ही उन्होंने भाई व भाभी को फोन किया। दोनों से उनकी बात नहीं हो सकी तो उन्होंने ग्रेटर नोएडा में रहने वाले भाभी के मामा को कॉल कर इसकी जानकारी दी। दोपहर करीब तीन बजे श्वेता के मामा सोसाइटी पहुंचे और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उन्होंने सूचना सोसाइटी के लोगों व पुलिस को दी। कोतवाली फेज थ्री पुलिस लॉक तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो दोनों छत के कुंडे से एक साथ अलग-अलग कपड़े से लटके हुए थे। पुलिस ने फॉरेंसिक यूनिट को भी मौके पर बुलाया। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि विनीत व श्वेता लॉकडाउन के दौरान अपने घर चले गए थे। दो दिन पहले ही दोनों नोएडा आए थे। शादी करीब छह साल पहले हुई थी। दोनों के बच्चे नहीं हैं और नोएडा में दोनों अकेले रहते थे।
टेबल पर पड़ी थी कोल्ड ड्रिंक और ब्रेड
जिस कमरे में दोनों ने कुंडे से लटककर आत्महत्या की। वहीं पास में टेबल पर पानी की तीन बोतलें, एक कोल्ड ड्रिंक की बोतल और ब्रेड पड़ी थी। इससे लग रहा है कि दोनों ने सुबह का नाश्ता किया था। इसके बाद आत्महत्या की। सोफे पर दोनों का मोबाइल फोन भी पड़े हुए थे।
आम्रपाली जोडियक सोसाइटी निवासी पति-पत्नी ने कुंडे से कपड़े के सहारे लटककर आत्महत्या की है। दोनों शेयर बाजार के काम से जुड़े हुए थे। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है।
- अंकुर अग्रवाल, एडीसीपी, सेंट्रल नोएडा।
इस स्थिति में मानसिक चिकित्सक की सहायता लें
स्पष्ट रूप से सोचने और दैनिक कार्यकलापों को करने में कठिनाई।
बार-बार गलत, अतार्किक, नकारात्मक विचारों का आना।
आदत, मन, इच्छा और एकाग्रता में अचानक परिवर्तन होना।
वैसी चीजों को देखना और सुनना जो आसपास मौजूद न हों।
क्रोध, भय, चिंता, अपराध बोध, उदासी या खुशी की लगातार अनुभूति।
बिना चिकित्सीय सलाह के औषधियों का अत्यधिक सेवन।