पुन्हाना। करीब तीन साल पहले पिनगवां के वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय का जर्जर भवन तोड़ दिया गया था, क्योंकि नए भवन का निर्माण किया जाना था। लेकिन, जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण अब तक नए भवन का निर्माण नहीं हो सका है। भवन टूटने की वजह से 12वीं तक की सैकड़ों छात्राओं की प्राइमरी स्कूल में पढ़ाई चल रही है। आखिरकार, अब जिला शिक्षा विभाग ने तीन साल बाद 5 करोड़ 8 लाख की लागत से तीन मंजिला भवन बनाने की मंजूरी के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है। काफी लंबे समय से स्कूल का भवन न बनने पर जिला उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा अधिकारियों को फटकार भी लगा चुके हैं।
जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) डॉ. अब्दुल रहमान ने बताया कि पिनगवां के वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय के स्कूल का भवन बनाने के लिए कई बार एस्टीमेट तैयार किए गए हैं। एक बार एक करोड़ से अधिक की धनराशि मंजूर भी हो गई थी, जिसका कहीं इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने डीपीसी का चार्ज संभालते ही स्कूल का तीन मंजिला नया भवन बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार किया है। करीब 5 करोड़ आठ लाख की लागत से बनने वाले तीन मंजिला स्कूल भवन में प्रधानाचार्य कक्ष, प्रयोगशाला आदि के अलावा 20 कमरे बनाए जाएंगे। इसकी मंजूरी के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है। उनका कहना है कि अब तक स्कूल भवन न बनने पर जिला उपयुक्त भी नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने स्कूल भवन जल्द बनाने के आदेश दिए हैं।
सरकार से जल्द निर्माण कराने की मांग
पिनगवां निवासी नग्गर पंच, न्याज मोहम्मद, मनोज कुमार, रवि बत्रा और डॉ. फखरू अल्वी आदि लोगों ने सरकार से मांग की है कि स्कूल के भवन को जल्द से जल्द बनाया जाए। अगर जल्द निर्माण नहीं कराया गया तो मजबूर होकर गांव के लोगों को धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा।
कक्षाएं तो बढ़ा दी, लेकिन कमरे नहीं बनवाए
पिनगवां स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय वर्ष 1942 से एक प्राइमरी स्कूल से शुरू हुआ था। बच्चों की संख्या देखते हुए सरकार ने इसे 1978 में मिडिल, 1982 में 10वीं और 1997 में 12वीं का दर्जा दे दिया था। सरकार ने कक्षाएं तो बढ़ा दी, लेकिन स्कूल में एक भी कमरे नहीं बनवाए गए। करीब तीन साल पहले नया भवन बनाने के कारण स्कूल के जर्जर भवन को तोड़ दिया गया था।