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मलेरिया विभाग में भर्ती के बदले रिश्वत लेने का आरोप

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मलेरिया विभाग में भर्ती के बदले रिश्वत लेने का आरोप
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युवकों ने सीएम को लिखा पत्र, जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर झिरका। जिला मलेरिया विभाग में रुपये लेकर भर्ती करने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि खंड रोजगार कार्यालय झिरका द्वारा मलेरिया विभाग को भेजे गए युवकों के नाम के बदले मोटी सुविधा शुल्क वसूला जाता है। इस सुविधा शुल्क में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भी बराबर की हिस्सेदारी है। नौकरी से वंचित आधा दर्जन युवकों ने सीएम हरियाणा को पत्र लिख कर इस घोटाले की जांच सीएम उड़न दस्ते से कराने की मांग की है। जिला स्वास्थ्य विभाग पर ठेकेदारी में अस्थाई कर्मचारियों को लगाने के बदले अवैध वसूली का आरोप पहले से ही लगते रहे हैं। इस अवैध वसूली को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग एक-दो अधिकारी नौकरी भी खो चुके हैं। भर्ती में पारदर्शिता लाने के लिए एक माह पूर्व जिला उपायुक्त ने आदेश दिए थे कि रोजगार कार्यालय से जो नाम भेजा जाएगा उसी युवक को मलेरिया विभाग में नौकरी पर रखा जाएगा लेकिन खंड रोजगार कार्यालय द्वारा मलेरिया विभाग को भेजे गए नामों के बदले 10 से 15 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप हैं। जाहुल, साबिर, नरेश, मुकेश, अब्बास, नाहिद, खालीद ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भेजी शिकायत में इस घोटाले की जांच सीएम उड़न दस्ते से कराने की मांग की है। युवकों ने बताया कि पैसे न देने पर खंड रोजगार कार्यालय में तैनात कर्मचारी तरह-तरह के नियमों को हवाला देकर जिला मलेरिया विभाग को नाम नहीं भेजते थे लेकिन पैसे मिलते ही मलेरिया विभाग को नाम भेज दिया जाता था। उसके बाद उस युवक को नौकरी पर रखा गया है।
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इस संबंध में जिला सिविल सर्जन डॉ. राजीव बातिश ने कहा कि उपायुक्त के आदेश पर रोजगार कार्यालय की ओर से जो नाम भेजे गए हैं उन्हें ही नौकरी दी गई है। फिरोजपुर झिरका रोजगार कार्यालय में तैनात कर्मचारी हाजी महमूद ने कहा कि आरोप झूठा है।
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फोटो- झिरका खण्ड रोजगार कार्यालय।
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