ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण और सामाजिक संगठनों के प्रयास से कोरोना संक्रमण से लोगों की सांसों पर बना संकट दूर होने की उम्मीद जगी है। प्राधिकरण ने हरिद्वार में ऑक्सीजन का इंतजाम कराया है, लेकिन वहां से लाने की जिम्मेदारी लोगों को दी है। मंगलवार रात और बुधवार की सुबह 48 सिलिंडर से भरी दो गाड़ियां हरिद्वार रवाना हो गई हैं। इनके बृहस्पतिवार की शाम तक वापस आने की उम्मीद है।
प्राधिकरण ने इस पहल से सामाजिक संगठनों और अन्य लोगों को जोड़ा है। नेफोवा के सदस्य मनीष कुमार और राहुल गर्ग ने बताया कि सीईओ नरेंद्र भूषण के समक्ष यह समस्या रखी गई। उन्होंने हरिद्वार का विकल्प दिया जिसके लिए सभी तैयार हो गए। नेफोवा ने एक टीम का गठन किया जो हर सोसाइटी की मेंटेनेंस टीम या एओए से संपर्क कर ऑक्सीजन की उपलब्धता की जानकारी दे रही है। जिनको जरूरत है, उनके सिलिंडर जमा करवाए जा रहे हैं। सुबह सिलिंडिर हरिद्वार भेजे गए हैं। वापस आने पर सिलिंडर को संबंधित सोसाइटी में पहुंचाया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में जरूरतमंद को ऑक्सीजन मिल सके। ग्रेटर नोएडा और अन्य जगह से भी कई गाड़ियों को हरिद्वार भेजा गया है।
लोगों को चुकानी होगी कीमत
नेफोमा की महासचिव रश्मि पांडेय ने बताया कि सिलिंडर और किराये की कीमत स्वयं चुकानी होगी। उनकी तरफ से 23 सिलिंडर भेजे गए हैं जो महागुन मायवुड्स, गौड़ सिटी आदि सोसाइटी के हैं। टीम के सदस्यों से पैसे एकत्रित कर भेल इंडिया के अकाउंट में जमा कराए।
अब नहीं होंगे कालाबाजारी का शिकार
हरिद्वारा में 11 लीटर का सिलिंडर 50 रुपये और 47 लीटर का सिलिंडर करीब 150 रुपये में भरा जा रहा है। जबकि, यहां पर 500 रुपये से अधिक वसूले जा रहे हैं। उसके लिए भी काफी दूर जाना और घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। हरिद्वार से एक सिलिंडर करीब 400 रुपये का पड़ रहा है। इसमें गाड़ी का किराया भी शामिल है।