बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन और बस स्टैंड के पास यह शहर की सबसे बड़ी पार्किंग है। उद्घाटन के तीन साल बाद भी इसका सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। भूतल पर ही लोग वाहन पार्क करते हैं। पहले और दूसरे तल के कुछ हिस्से में शोरूम संचालक नए वाहनों का स्टॉक रखते हैं। इसी जगह पुरानी कारों को बेचने का बिजनेस भी चल रहा है। कुल मिलाकर भारी भरकम रकम लगाकर बनाई आठ मंजिला पार्किंग का 90 फीसदी हिस्सा खंडहर में तब्दील हो रहा है। इसकी लिफ्ट और एस्केलेटर (स्वचालित सीढि़यां) काम करना बंद कर चुकी हैं। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है पार्किंग में सुविधाएं विकसित करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। आला अधिकारियों के निर्देश के बाद कोई कदम उठाया जाएगा।
दुकाने बनीं और न ऑफिस खुले
बोटेनिकल गार्डन मल्टीलेवल कार पार्किंग में भूतल पर दुकानें और शोरूम बनाने की योजना थी, ताकि लोग खरीदारी के साथ खानपान का लुत्फ भी उठा सकें। पार्किंग के साथ ही बनी अलग इमारत में बड़ी कंपनियों के ऑफिस, स्टार्टअप हब विकसित करने की योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई है।
रास आ रही स्टेशन की पार्किंग
बहुमंजिला पार्किंग से सटी बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन की पार्किंग लोगों को ज्यादा रास आ रही है। बहुमंजिला पार्किंग में न्यूनतम पार्किंग शुल्क 30 रुपये है, जबकि स्टेशन की पार्किंग में 20 रुपये चुकाने पड़ते हैं। ऐसे में मेट्रो से सफर करने वाले लोग स्टेशन की पार्किंग को ज्यादा तरजीह देते हैं।
सेक्टर-16ए का भी यही हाल
सेक्टर-16ए फिल्म सिटी में 76.14 करोड़ रुपये खर्च कर भूमिगत पार्किंग शुरू होने के बाद भी लोग सड़कों पर वाहन खड़ा करते हैं। यहां भी कई सुविधाएं विकसित करने का दावा था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। 1400 कार इस पार्किंग में एक साथ खड़ी की जा सकती हैं।