महामशीनों के महाकुंभ में सीमा सड़क संगठन भी दिखाएगा अपनी क्षमता
-आज केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी करेंगे शुभारंभ, खनन से लेकर निर्माण तक की आधुनिक तकनीक का होगा प्रदर्शन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बात विकास की हो और मशीनों का जिक्र न हो यह संभव नहीं। वक्त के साथ मशीनें भी बदल रही हैं। वह भी स्मार्ट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस हो रही हैं। महामशीनों के इन्हीं आधुनिक स्वरूप का प्रदर्शन बुधवार से इंडिया एक्सपोमार्ट एंड सेंटर में शुरू हो रहे बाउमा कॉनएक्सपो इंडिया 2024 में देखने को मिलेगा। यह आयोजन 14 दिसंबर तक चलेगा। इसमें भारतीय रक्षा एजेंसियों के लिए काम करने वाले संगठन सीमा सड़क संगठन भी अपनी क्षमता को प्रदर्शित करेगा। बुधवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सुबह 11 बजे आयोजन का शुभारंभ करेंगे।
1.35 लाख स्क्वॉयर मीटर क्षेत्र में हो रहे इस आयोजन में 20 हजार से अधिक मशीनी उत्पाद और निर्माण समाधानों को दिखाया जाएगा। इसमें एक हजार से अधिक देश विदेश के प्रदर्शक शामिल हो रहे हैं। जर्मनी, इटली, दक्षिण कोरिया सहित 100 से अधिक देशों की कंपनियां भी आ रही हैं। प्रदर्शित की जाने वाली मशीनों में आने वाले वक्त की जेसीबी मशीन, पोकलैंड, कन्वेयर वेल्ट, क्रशर, तेजी से मूव करने वालीं हैवी क्रेन आदि मशीनें शामिल हैं।
आयोजन के दौरान होंगी 30 से ज्यादा कॉन्फ्रेंस
बाउमा कॉनएक्सपो के दौरान 30 से ज्यादा कॉन्फ्रेंस होंगी। इसका मकसद है कि खनन, निर्माण के काम के जोखिम भरे हिस्सों में किस प्रकार रोबोटिक्स को आगे किया जा सकता है। साथ ही कार्य की गति को बढ़ाना और पर्यावरण के अनुकूल निर्माण कार्य को बनाने पर भी विचार मंथन किया जाएगा। निर्माण के बीच में अगर कहीं पर पेड़ों को या जैव विविधता को बचाने की स्थिति आती है तो मशीनों की इसमें क्या भूमिका हो सकती है, यह भी विषय रहेगा।
निर्माण के समय को कम करना लक्ष्य
स्थायी निर्माण के साथ ही आपदा की स्थिति में बेहद कम समय में निर्माण में किस प्रकार की तकनीक और मैटेरियल का उपयोग हो सकता है, यह भी आयोजन के दैरान एक विषय रहेगा। इसके अलावा रिसाइकल के काम में लगने वाली आधुनिक मशीनें पर्यावरण के क्षेत्र में भी योगदान दे सकती है, ऐसी ही मशीनों को दिखाया जाना है।