एमसीडी के सदन में हंगामे का किया विरोध, कहा-संविधान की बेइज्जती नहीं करने देंगे
प्रदर्शन के बाद भाजपाइयों ने अपनी गिरफ्तारी भी दी
कहा-मुख्यमंत्री के माफी नहीं मांगने पर संघर्ष जारी रहेगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा ने एमसीडी के सदन की बैठक में शुक्रवार को हंगामा होने के मामले में सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि वह एमसीडी में बाबा भीमराव अंबेडकर के लिखित संविधान की बेइज्जती नहीं करने देंगे। प्रदर्शन के बाद भाजपाइयों ने गिरफ्तारी भी दी। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने किया। प्रदर्शन में सांसद प्रवेश वर्मा, प्रदेश महामंत्री हर्ष मल्होत्रा व दिनेश प्रताप सिंह भी शामिल हुए।
इस मौके पर वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि छह जनवरी को एमसीडी सदन में हुई घटना बेहद शर्मनाक है, जिसमें राजनीतिक मर्यादा को तार-तार किया गया। यह दिल्ली वासियों के लिए दुर्भाग्य की बात है कि मुख्यमंत्री पिछले आठ साल से उनका दोहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर सेे देशवासियों और भाजपा की महिला पार्षदों से माफी नहीं मांगने पर उनका संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल की पार्टी 134 पार्षदों के साथ एमसीडी सदन में पहुंची है, मगर उनकी पार्टी में फूट पड़ चुकी है, क्योंकि महापौर व उपमहापौर पद पर उसके दो-दो पार्षद उम्मीदवार बनेे। आप ने अपनी फूट और हार को बचाने के लिए सदन में हंगामा व तोड़फोड़ की।
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि आप विधायकों और पार्षदों ने अरविंद केजरीवाल के इशारे पर बाबा भीमराव अंबेडकर के लिखित संविधान का अपमान किया है। पीठासीन अधिकारी सत्या शर्मा के ऊपर आप नेताओं का कुर्सी फेंकना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि पीठासीन की कुर्सी की गरिमा को तार-तार कर कागज फाड़ने की हरकत केजरीवाल और उनके नेताओं का अपने आप को संविधान से ऊपर मानना है। उन्होंने कहा कि आप विधायकों और पार्षदों ने भाजपा की महिला पार्षदों के साथ दुर्व्यवहार किया, इसलिए उपराज्यपाल 13 विधायकों को एक साल के लिए विधानसभा से निष्कासित करें।