ज्योति कार्की
नोएडा। कभी ऐसा दौर था जब महिलाओं को खेलों में भाग लेने की अनुमति मुश्किल से मिलती थी। लेकिन आज वहीं महिलाएं बास्केटबॉल जैसे खेल में बॉल को अपना हथियार बनाकर इसमें भी झंडे गाड़ रही है। गौतमबुद्ध नगर में खेल विभाग द्वारा आयोजित सीनियर महिला वर्ग की ओपन राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता इसका बेहतरीन उदाहरण है। इस प्रतियोगिता में न केवल जिले की बल्कि आसपास के जिलों से भी खिलाड़ी भाग ले रही हैं। पहले जहां इस खेल में महिलाओं की भागीदारी बहुत कम थी, अब जिले की महिलाएं अपनी मेहनत और जूनून के दम पर नई पहचान बना रही हैं।
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मैं अपने परिवार के साथ सेक्टर-76 में रहती हूं। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पहली बार भाग ले रही हूं। मैंने छह साल पहले स्कूल में बास्केटबॉल खेलना शुरू किया। मेरे कोच मंजीत सर ने मुझे लगातार मार्गदर्शन दिया, जबकि मेरी मम्मी पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए खेल में शामिल होने की अनुमति नहीं देती थीं। पहले तो मैंने छिपकर खेलना शुरू किया। 6 साल की मेहनत और संघर्ष के बाद अक्षिता अब सेमीफाइनल तक पहुंच गई हैं। अगर महिला में जुनून और लगन हो तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं। -अक्षिता गौतम
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मैं तीसरी बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खेल रही हूं। इससे पहले मैंने एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल अपने नाम किए हैं। मेरा सपना है कि मैं भारतीय टीम में खेलकर देश का प्रतिनिधित्व करूं। परिवार और कोच का समर्थन मुझे लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। पढ़ाई और मैच का संतुलन बनाए रखना मेरे लिए आसान नहीं था, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और खुद के साथ-साथ अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनना चाहती हूं। -अनीशा सिंह
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इस प्रतियोगिता में पहली बार हिस्सा ले रही हूं। मैंने इससे पिछले दो सालों से मेहनत और अभ्यास किया और अपने कोच की मदद से अपनी प्रतिभा निखारी। सेक्टर-79 में रहते हुए माता-पिता और कोच ही हमारे सबसे बड़े सहारा हैं। अपने शहर में इस तरह का मैका हमारे लिए बहुत बड़ी बात है, अगर मौका मिले तो हम दिन-रात मेहनत करके खुद को साबित कर सकते हैं। - पीहू दिवान
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जब एक लड़की घर में बाहर पढ़ने जाती है तब भी उसको ये करने से आज भी रोका जाता है। मैं खुशनसीब हूं कि मुझे ये मौका मिला है।
मैंने अपने बास्केटबॉल की शुरुआत अपनी सोसाइटी की अकेडमी से की। मेरे पिता चाहते थे कि मैं खेलू आगे बढ़ूं और समाज की पुरानी सोच को पीछे छोड़ू। मैंने तीन बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया हैं। सबसे पहले कानपुर में स्वर्ण और मथुरा में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। आज यहां पहुंचकर बहुत अच्छा लग रहा है। -अनन्या बिश्वा
गौतमबुद्ध नगर खेल विभाग लगातार महिला खिलाड़ियों को आग बढ़ाने के लिए प्रयास करता रहता है। इस बार जिन लोगों ने भाग लिया उन सभी महिला खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और जुनून यह साबित करता है कि अगर अवसर मिले और मेहनत साथ हो, तो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में अपने सपनों को सच कर सकती हैं। गौतमबुद्ध नगर की ये युवा खिलाड़ी सिर्फ खेल ही नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की नई पहचान भी गढ़ रही हैं। - डॉ. परवेज अली, प्रभारी जिला खेल अधिकारी
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