सरधना/बहसूमा/हस्तिनापुर/जानीखुर्द। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार चीनी मिल के पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही गन्ना मूल्य 30 रुपये बढ़ाकर किसानों को सौगात दी है। सरकार ने गन्ने की अगेती प्रजाति फसल का मूल्य 400 और सामान्य प्रजाति के गन्ने का मूल्य 390 प्रति क्विंटल तय किया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में इसे लेकर किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आई है। किसान नेताओं और विपक्षी दलों ने इसे नाकाफी बताते हुए किसानों के साथ धोखा और मजाक बताया है। वहीं भाजपा नेताओं ने इसे तोहफा करार दिया है। संवाद
500 रुपये प्रति क्विंटल हो मूल्य
यह बढ़ोतरी किसानों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। किसानों की वास्तविक लागत लगातार बढ़ रही है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। -मोनू पवार, सपा नेता
सरकार ने किसानों की मेहनत व परिश्रम को ध्यान में रखते हुए 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर सम्मान दिया है। यह फैसला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई बुलंदियों पर ले जाने के लिए तोहफा है। -राम मेहर सिंह, भाजपा नेता
बढ़ती महंगाई और गन्ने की फसल में आने वाली लागत को देखते हुए गन्ने का भाव कम से कम 450 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। तभी किसान बच्चों की स्कूल फीस भर पाएगा और उनकी शादी कर पाएगा। - गौरव चौधरी, किसान
गन्ने के भाव में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी सराहनीय कदम है। सरकार ने गन्ने की मिठास और किसानों का मान रखा है। पेराई सत्र शुरू होने से पहले रेट घोषित करना अच्छी पहल है। -नितिन पोसवाल, ब्लॉक प्रमुख एवं भाजपा नेता
बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह बढ़ोतरी ऊंट के मुंह में जीरे के जैसी है। गन्ने का भाव कम से कम 500 रुपये क्विंटल होना चाहिए। किसानों के लिए यह धोखा है। -सुदेश पाल, सपा नेता
सरकार द्वारा घोषित चार सौ रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य वृद्धि किसानों के साथ सरासर धोखा है। यह निर्णय किसानों की लागत, मेहनत और वास्तविक उत्पादन खर्च के मुकाबले न्यायसंगत नहीं है। -चौधरी निखिल राव, जिलाध्यक्ष, भाकियू किसान सभा
गन्ना मूल्य वृद्धि किसानों को बड़ा ताेहफा
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 46 लाख गन्ना किसानों को फायदा होगा। उन्हें लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह निर्णय गन्ना किसानों के लिए एक बड़ा तोहफा है। -चौधरी यशवीर सिंह, चेयरमैन, यूपीसीएलडीएफ
गन्ने का रेट कम है। बाढ़ के कारण खादर में फसल बर्बाद हो चुकी है। अब किसानों के पास गन्ना ही राहत की उम्मीद था। भाकियू लगातार भाव बढ़ाने की मांग कर रहा है। -सुंदर सिंह, ब्लॉक उपाध्यक्ष, भाकियू
राज्य सरकार से 500 रुपये प्रति क्विंटल की मांग की थी लेकिन राज्य सरकार ने किसानों की मांग पूरी नहीं की। इससे किसानों में नाराजगी है। -सरदार जज सिंह, भाकियू कार्यकर्ता
जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में लगातार गन्ना मूल्य वृद्धि 500 रुपये से अधिक करने की मांग की जा रही थी। एक बार फिर किसानों को हताशा मिली। सरकार को गन्ना मूल्य और अधिक बढ़ाना चाहिए। -गुरप्रीत सिंह उर्फ बंटी, ब्लॉक अध्यक्ष, भाकियू
सरकार का यह कदम किसानों के हक में है। गन्ना मूल्य बढ़ने से किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा लेकिन यह बढ़ोतरी अगर 400 पार हो जाती तो और भी अच्छा होता। -विपिन चौधरी, किसान, छोटी चामरोध
30 रुपये गन्ना बढ़ोतरी पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि एनडीए गठबंधन में किसानों की समस्याओं को दूर करने की दिशा में यह एक प्रयास है। इस बढ़ोतरी से किसानों को अवश्य राहत मिलेगी। -रणवीर सिंह दहिया, प्रदेश महासचिव, रालोद
गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी प्रदेश सरकार का किसानों के हित में लिया गया निर्णय है। मूल्य बढ़ोतरी से किसान खुश हैं। सरकार के इस फैसले से किसानों की आय में वृद्धि होगी। -मुनेश बाफर, भाजपा नेता
खुशी की बात है कि प्रदेश सरकार ने किसानों की गन्ने की फसल का मूल्य बढ़ाया है। इस मूल्य बढ़ोतरी से किसानों की आर्थिक स्थिति पहले से और बेहतर होगी। -अंकुर सांगवान, किसान, कलंजरी
गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी काफी कम की गई है। गन्ने की फसल पैदा करने में ज्यादा लागत आ रही है। लागत के हिसाब से कम से कम गन्ना मूल्य 650 रुपये क्विंटल सरकार को करना चाहिए। इस मांग को लेकर जल्द आंदोलन किया जाएगा। -राजकुमार बाफर, किसान नेता
सुन्दर सिंह
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