बर्ड फ्लू : रोकथाम की तैयारी तेज, दूरबीन से पक्षियों पर नजर
नोएडा। देश के कई हिस्सों और प्रदेश के कानपुर में फैले बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए जिले में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। वहीं, वायरस की रोकथाम और बचाव को लेकर तैयारी तेज कर दी गई हैं। इसी के तहत रविवार को मेरठ जोन के वन संरक्षक और क्षेत्रीय निदेशक जी. प्रसाद ने ओखला पक्षी विहार का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सभी वेटलैंड में पक्षियों पर दूरबीन से नजर रखी जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार हैं।
बता दें कि अब तक जिले में बर्ड फ्लू से संबंधित एक भी मामला सामने नहीं आया है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग बचाव और इलाज के जरूरी इंतजाम में जुटा है। वहीं, ओखला पक्षी विहार में निरीक्षण करने पहुंचे वन संरक्षक ने बर्ड फ्लू से बचाव के उपायों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने झील का निरीक्षण किया। उनके साथ गौतमबुद्ध नगर के प्रभागीय वनाधिकारी व क्षेत्रीय वनाधिकारी ओखला पक्षी विहार प्रमोद कुमार भी मौजूद रहे। वहीं, रैपिड रेस्पांस टीम और स्थानीय स्टाफ ने बीमारी से बचाव और पक्षियों की निगरानी के संबंध में आलाधिकारी को अवगत कराया। क्षेत्रीय वनाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए सभी वेटलैंड में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। साथ ही पक्षियों के मरने पर तुरंत सूचना देने की बात कही गई है।
20 हजार प्रवासी पक्षी हैं जिले में
क्षेत्रीय वनाधिकारी ने बताया कि बर्ड फ्लू के संबंध में जगह-जगह होर्डिंग और बैनर आदि से प्रचार भी किया जा रहा है। वन विभाग की टीमें पक्षियों पर दूरबीन से नजर रख रही हैं। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में जिले में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। वर्तमान में करीब 20 हजार प्रवासी पक्षी विभिन्न वेटलैंड में मौजूद हैं। ऐसे में एहतियात बरतना आवश्यक है।
मृत पक्षी मिलने पर तुरंत दें सूचना : प्रमोद कुमार
प्रभागीय वनाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हैं। उन्होंने बताया कि पक्षी झुंड में रहते हैं। ऐसे में बर्ड फ्लू से एक नहीं कई पक्षी एक साथ मरेंगे। पोस्टमार्टम के बाद ही मरने का कारण स्पष्ट हो पाएगा। अब तक जितने भी पक्षियों का पोस्टमार्टम कराया गया है, उनमें से एक भी बर्ड फ्लू का केस नहीं मिला है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि एक स्थान पर कई पक्षी मरे हुए पाए जाएं तो तत्काल प्रशासन को सूचना दी जाए, ताकि जांच के बाद किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके।
जिले में बर्ड फ्लू का कोई केस नहीं मिला है। कुछ स्थानों पर पक्षियों के मरने की फोटो वायरल हुई है। जांच में पाया गया कि पुरानी फोटो वायरल की जा रही है। सोशल मीडिया पर अफवाह नहीं फैलाएं। लोगों को जागरूक करें।
- सुहास एलवाई, जिलाधिकारी