तावड़ू। पड़ोसी जिला गुरुग्राम में 11 वर्षीय बच्चे की बर्ड फ्लू से मृत्यु होने के बाद लोग बर्ड फ्लू को लेकर आशंकित हैं। जिला पशुपालन एवं डेयरी विभाग भी हरकत में आ गया है। विभाग द्वारा पोल्ट्री फार्म की विशेष निगरानी की जा रही है। इसके लिए 18 चिकित्सकों की टीम को सक्रिय कर सर्वे कराया जा रहा है। अधिकारी अपने क्षेत्रों में पक्षियों एवं मुर्गी फार्मों पर निगाह रख रहे हैं।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग उपनिदेशक डॉ. नरेंद्र यादव ने बताया जिले में अभी तक इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। जिले में 18 चिकित्सकों की टीम गठित कर सभी पोल्ट्री फार्म व ऐसे सभी तालाबों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है जिनमें कई तरह के पक्षी मिलते हैं। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि बर्ड फ्लू से संबंधी कोई भी शंका होने, किसी पक्षी के मृत मिलने पर तुरंत विभागीय अधिकारियों को सूचित करें। इसके अलावा समूचे जिले में मांस विक्रेताओं की दुकानों पर भी टीमें जांच कर रही हैं।
साथ ही उन्होंने कहा की अच्छी तरह से पकाए गए अंडे या चिकन खाने से कोई खतरा नहीं है। 70 डिग्री से अधिक तापमान पर यह वायरस नष्ट हो जाता है। बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्र में नॉनवेज खाने से परहेज करें। मास्क पहनकर रखें। मनुष्य में बर्ड फ्लू के लक्षणों में धीरे-धीरे बुखार होना, नाक से खून निकलना, लगातार कफ या बलगम का बनना, सिर में दर्द, नाक बहना, गले में सूजन और उल्टी-दस्त के साथ मांसपेशियों में दर्द रहना मुख्य हैं। वहीं पक्षियों के नाक और आंख से पानी बहना, भूख कम लगना, पक्षी के पैरों में खून के थक्के दिखाई देना व पंखों का अधिक संख्या में गिरना मुख्य लक्षण हैं।