नॉलेज पार्क स्थित हॉस्टल में गोली चलने से दो छात्रों की हुई मौत के मामले में बिमटेक कॉलेज ने पुलिस के नोटिस के बाद तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति इस बात की जांच कर रिपोर्ट देगी कि घटना के दिन हॉस्टल में किस वार्डन और गार्डो की ड्यूटी थी और कैसे रिवॉल्वर हॉस्टल तक पहुंची। समिति पांच दिन में अपनी जांच रिपोर्ट नॉलेज पार्क पुलिस को सौंपेगी। पुलिस ने मामले में सुरक्षा लापरवाही मिलने पर कॉलेज व मृतक छात्र देवांश के हॉस्टल में रिवॉल्वर लाने पर उसके पिता को नोटिस देकर इसका कारण पूछा था। पुलिस की ओर से मामले में हॉस्टल में मौजूद रहे वार्डन, छात्रों से भी पूछताछ की जा रही है।
हॉस्टल में बिमटेक कॉलेज में पीजीडीएम के दो छात्र देवांश और दीपक की गोली लगने से हुई मौत की गुत्थी पांच दिन बाद भी नहीं सुलझ पाई है। पुलिस की जांच कई पहलुओं पर आगे बढ़ रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस की ओर से अब मामले में कॉलेज की आंतरिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अगर प्रबंधन की लापरवाही मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं छात्र देवांश के पिता जो डिप्टी एसपी के पद से उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है। अभी तक उनकी तरफ से कोई जवाब पुलिस को नहीं मिला है। पुलिस को दोनों छात्रों का मोबाइल लॉक मिला है। पुलिस मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर भी जांच कर रही है। घटना के बाद पुलिस ने छात्र के पिता को लापरवाही मानी है, क्योंकि रिवॉल्वर उनके नाम पर पंजीकृत थी।
उन्होंने हथियार की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती, जिससे यह हॉस्टल तक पहुंची। पुलिस इस आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी भी कर रही है। छात्र के मोबाइल और लैपटॉप को अनलॉक कराने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। वहीं, कोतवाली प्रभारी सर्वेश सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।