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यमुना एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भर बाइकर्स ने फिर दिया हादसे को न्योता

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बाइकर्स ने यमुना एक्सप्रेसवे पर स्टंट कर खतरे में डाली जिंदगियां
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जेवर। यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार सुबह एक बार फिर बाइकर्स ने तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाई। जीरो प्वाइंट से जेवर टोल प्लाजा तक यातायात नियमों को ताक पर रख स्टंट बाजी की। जिसकी वजह से अन्य वाहन चालक घबरा गए। ये बाइकर्स लगभग हर वीकेंड पर ऐसा कर हादसों का खतरा पैदा करते हैं। पुलिस अब तक इन पर शिकंजा नहीं कस पाई है।
यमुना एक्सप्रेसवे रविवार को दिल्ली-एनसीआर के बाइकर्स को रेसिंग ट्रैक जैसा दिखाई देता है। रविवार या फिर छुट्टी के दिन सुबह आठ बजे से ही यहां पहुंचने लगते हैं। जीरो प्वाइंट से आगरा की तरफ बढ़ते ही फिल्मी अंदाज में स्टंट शुरू कर देते है। रविवार सुबह भी लगभग दो दर्जन से अधिक बाइकर्स ने ग्रेटर नोएडा के जीरो प्वाइंट से जेवर और फिर जेवर से जीरो प्वाइंट तक खतरनाक स्टंट किए। हालांकि, कुछ जेवर टोल से आगे आगरा की तरफ बढ़ गए, लेकिन ज्यादातर टोल से पहले लौट आए।
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गलत दिशा में दौड़ाते हैं बाइक
टोल पर शुल्क से बचने के लिए बाइकर्स वापस गलत दिशा में बाइक दौड़ाते हैं। वह दो किलोमीटर ग्रेटर नोएडा की तरफ साबौता कट के पास से ग्रीन बेल्ट से होकर दूसरी साइड बाइक कूदाकर वापस दिल्ली की तरफ रेस शुरू कर देते हैं। कुछ समय पहले रांग साइड वापस आ रही डबल डेकर बस ने पिकअप सवार बिहार निवासी दो लोगों को टक्कर मार दी थी। हादसे में दोनों की जान चली गई थी।
देखकर अनदेखा कर देती है पुलिस
खास बात यह है कि इन स्पोर्ट्स बाइक की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई देती है। जबकि जेवर टोल पर बनी पुलिस चौकी व एक्सप्रेसवे के किनारे थानों में तैनात पुलिसकर्मियों को इसका पता ही नहीं चल पाता है। वहीं, यातायात पुलिस भी बाइकर्स को देखकर अनदेखा कर देते हैं। लोगों का कहना है कि ग्रामीणों को बड़े आराम से पता चल जाता है कि रेस हो रहा है। शायद पुलिस वाले भी रोज का किस्सा मानकर इस पर ध्यान नहीं देते।
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कैमरों से बचने के लिए तिकड़म
बाइकर्स रविवार को पहले जीरो प्वाइंट पर जुटे। फिर एक साथ लाइन बनाकर एक्सप्रेसवे पर रेस शुरू कर दी। देखते ही देखते कुछ बाइकर्स ने बाइक के अगले पहियों को हवा में उठा लिया। कुछ सीट पर पैर रखकर खड़े हो गए। बाइक की स्पीड 150 से ज्यादा रहती है। हालांकि, कैमरों से बचने के लिए सभी ने या तो स्पीड कम कर ली या फिर साइड से बाइक को निकाला। ताकि एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों में इनकी हरकत कैद न हो सकें।
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