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यूपी: बाइक बोट फर्जीवाड़े की आंच मायावती के भाई आनंद कुमार तक

Sat, 20 Jul 2019 04:03 AM IST
नोएडा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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भष्टाचार के मामले - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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आयकर विभाग के रडार पर आए बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार पर हजारों करोड़ के बाइक बोट फर्जीवाड़े की भी आंच आ सकती है। बाइक बोट के मालिक संजय भाटी ने रिमांड पर पुलिस के सामने कुछ अहम खुलासे किए थे। जांच में यह बात सामने आई थी कि बाइक बोट फर्जीवाड़े का आर्थिक लाभ किसी न किसी रूप में आनंद कुमार को भी मिला था। पुलिस इस मामले में कई लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इसके साथ ही जिन अकाउंट से पैसे लिए दिए गए थे। उनकी भी जांच की जा रही है।

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बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई और पार्टी उपाध्यक्ष आनंद कुमार के साथ बाइक बोट कंपनी के मालिक संजय भाटी के बहुत अच्छे रिश्ते रहे हैं। बाइक बोट कंपनी बनाने के बाद संजय भाटी जब चर्चा में आया था तो आनंद कुमार से घनिष्ठता बढ़ी थी। धीरे-धीरे यह निकटता इतनी बढ़ गई कि संजय भाटी को वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए गौतमबुद्घ नगर लोकसभा का बसपा का प्रभारी-प्रत्याशी बना दिया गया। जबकि लोकसभा चुनाव के कुछ महीने पहले तक बसपा के दूसरे बड़े नेता लोकसभा टिकट के दावेदार थे।

उसी दौरान बाइक बोट फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया और मीडिया में सुर्खियां बनने लगी तो बसपा ने लोकसभा प्रभारी-प्रत्याशी से हटा दिया था। पुलिस के मुताबिक यह जांच की रही है कि लोकसभा चुनाव से पहले बाइक बोट फर्जीवाड़े के पैसों का आर्थिक लाभ किसी न किसी रूप में आनंद कुमार को मिला। शासन की तरफ से इस पूरी जांच पर नजर रखी जा रही है। अब जब आयकर विभाग ने आनंद कुमार के बेनामी संपत्ति पर शिकंजा कस दिया है तो नोएडा पुलिस भी अपनी जांच तेजी से आगे बढ़ा रही है।
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लोगों की गाढ़ी कमाई कहां-कहां उड़ाई

बाइक बोट कंपनी बनाकर लाखों निवेशकों की हजारों करोड़ रुपये की गाढ़ी कमाई कहां उड़ाई गई। इसके लिए एसआईटी बनाई गई है। नोएडा आर्थिक अपराध शाखा इसकी लगातार जांच कर रही है। अब तक इस मामले में संजय भाटी समेत पांच आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। जिन अकाउंट से लेन देन हुए, उनकी पड़ताल भी की जा रही है।

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सीबीआई, आयकर और ईडी की नजर

आयकर विभाग के शिकंजे के बाद बसपा उपाध्यक्ष आनंद कुमार अब दूसरी केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर भी आ सकते हैं। इनमें सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की भी नजर है। आनंद कुमार व इनके करीबियों की बेनामी संपत्तियों के बारे में हर पहलू पर जांच की जा रही है। आयकर विभाग के शिकंजे के बाद आनंद कुमार के करीबी भूमिगत हो चुके हैं।

क्या था बाइक बोट फ्रॉड

गर्वित इन्नोवेटर्स लिमिटेड कंपनी की तरफ से बाइक बोट स्कीम लांच की गई थी। जो ओला उबर की तर्ज पर बाइक टैक्सी चलाने के नाम पर शुरू की गई थी। इसमें 62,100 रुपये के निवेश करने पर एक वर्ष तक 6765 रुपये प्रतिमाह देने की बात कही गई थी। निवेशकों के हजारों करोड़ पैसे लेकर कंपनी भाग गई। बाद में पुलिस के दबाव में संजय भाटी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस ने रिमांड पर लेकर संजय भाटी से पूछताछ की थी।

आनंद के दो करीबी अधिकारी पहले भी जा चुके हैं जेल

आनंद कुमार के दो करीबी अधिकारी पहले ही जेल जा चुके हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर रहे यादव सिंह टेंडर घोटाले व आय से अधिक संपत्ति के आरोपी हैं और जेल में हैं। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पूर्व सीईओ पीसी गुप्ता को भी आनंद का करीबी बताया जाता था। पीसी गुप्ता के खिलाफ भी जमीन आवंटन घोटाला का मुकदमा दर्ज है और जेल में हैं। यादव सिंह व पीसी गुप्ता की एक वक्त नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तूती बोलती थी। प्रदेश में बसपा सरकार के दौरान दोनों अधिकारी आनंद कुमार के इशारे पर भी काम करते थे
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