आंध्रप्रदेश तक फैला फर्जीवाड़ा, 20 पीड़ित आए सामने
ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट फर्जीवाड़े का जाल आंध्र प्रदेश तक फैला हुआ है। पहली बार आंध्रप्रदेश के 20 पीड़ित सामने आए हैं। ऑल इंडिया एमएलएम विक्टिम हेल्प ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों के साथ पीड़ितों ने मंगलवार को एसएसपी वैभव कृष्ण से शिकायत की। वहीं, बुधवार को संगठन के पदाधिकारी एसपी सिटी अंकुर अग्रवाल से मिले। सभी पीड़ितों के नाम केस में शामिल कर लिए गए हैं।
महासचिव मिथिलेश स्वामी ने बताया कि उनके संगठन में आंध्रप्रदेश के पीड़ित भी शामिल हो गए हैं। इससे पहले 12 प्रदेशों के पीड़ित संगठन से जुड़े थे। मंगलवार को आंध्र प्रदेश के 20 पीड़ितों के साथ पदाधिकारी एसएसपी ऑफिस पहुंचे थे। उन्होंने एसएसपी वैभव कृष्ण से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की थी। एसएसपी ने बाइक बोट फर्जीवाड़े के संबंध में पूरी जानकारी एसपी सिटी अंकुर अग्रवाल को देने और जांच की मॉनीटरिंग करने की बात कही थी। बुधवार को मिथलेश स्वामी और कोषाध्यक्ष विकास लांबा एसपी सिटी से मिले और बाइक बोट फर्जीवाड़े के संबंध में पूरी जानकारी दी। एसपी सिटी ने जल्द नए पीड़ितों की एफआईआर दर्ज कराने और पुराने निवेशकों के बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस लाइन में शिविर लगाने का आश्वासन दिया है। एसपी सिटी ने फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाकर दिशा-निर्देश दिए। वहीं, उन्होंने केस में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी का भी आश्वासन दिया है। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम कालिया और संयोजक रविंद्र सिंह चौहान भी मौजूद रहे।
आंध्रप्रदेश के पीड़ितों में ये शामिल
आंध्रप्रदेश के पीड़ितों में वेंकटेश प्रसाद ने चार लाख 34 हजार, के पूर्णचंद छह लाख बाइस हजार, दसारी श्रीनिवास राव तीन लाख चौहत्तर हजार, दसारी वेंकटेश राव चार लाख चौंतीस हजार, अल्लम शेट्टी एक लाख 86 हजार, सुजाता एक लाख 86 हजार, कृष्णा एक लाख 24 हजार, रामराज एक लाख 86 हजार, एनआरएस रेड्डी एक लाख 86 हजार, रमेश चार लाख 34 हजार, राजेश, करण, संजीव रेड्डी, वीएम रेड्डी, चैतन्य सभी के अलग-अलग एक लाख 86 रुपये निवेश किए हैं।