नोएडा (सुशांत समदर्शी)। वेलेंटाइन डे पर घूमने, गैजेट्स या गिफ्ट खरीदने की आदि की योजना बना रहे हैं तो ऑनलाइन मिलने वाले ऑफरों की अच्छे जांच कर लें। थोड़ी सी लापरवाही खाता खाली करवा सकता है। इन दिनों साइबर जालसाज एसएमएस, ई-मेल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से विशेष छूट या ऑफर का प्रलोभन दे रहे हैं। झांसे में आए तो महंगा पड़ सकता है। ठगी के शिकार कई पीड़ितों ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर मदद मांगी है। ऐसे में पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे मनाया जाता है। वहीं, 7 फरवरी से वेलेंटाइन वीक शुरू हो जाता है। इस दौरान लोग पर्यटन स्थलों पर घूमने, अपने प्रियजनों को महंगे गैजेट्स व उपहार देने के लिए खरीदारी करते हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा भी कई ऑफर दिए जाते हैं। इसी फायदा साइबर जालसाज उठा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, फरवरी की शुरुआत में ही जालसाज सक्रिय हो गए हैं। वह सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से बड़े होटल में रुकने, समुद्र किनारे सैर, गैजेट्स और गिफ्ट आदि की खरीदारी में छूट का झांसा दे रहे हैं। ऐसे में फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम आदि का सावधानी पूर्वक प्रयोग करें। इन प्लेटफार्म पर वेलेंटाइन ऑफर से संबंधित मैसेज आदि मिल जाएंगे। वहीं, जालसाज फोन व एसएमएस के माध्यम से भी ठग सकते हैं।
ऐसे बरतें सावधानी
- वेलेंटाइन डे के ऑफर पर तुरंत विश्वास नहीं करें। पहले जांच कर लें।
- किसी तरह का मैसेज आए तो उसे तुरंत हटा दें।
- वेलेंटाइन डे ऑफर नाम से लिंक आता है तो उसे कतई नहीं खोलें।
- स्पेशल गिफ्ट या होटल बुकिंग के नाम पर एडवांस पैसे नहीं जमा करें।
- इंटरनेट के माध्यम से किसी तरह का वेलेंटाइन ऑफर सर्च करने से बचें।
- बड़ी कंपनियों व होटल के ऑफर की भी पूरी तरह से जांच कर लें।
मैसेज फारवर्ड कराने के नाम पर दे रहे झांसा
वेलेंटाइन डे ऑफर के नाम पर जालसाज अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसा दे रहे हैं। जालसाज वेलेंटाइन डे ऑफर के नाम पर पहले मैसेज भेजते हैं और फिर उसे कई ग्रुपों व दोस्तों को फारवर्ड करने की बात कहते हैं। 20 या अधिक लोगों के पास मैसेज फारवर्ड या मेल करने पर गिफ्ट या गैजेट्स का झांसा देकर ठगी की कोशिश करते हैं। ऐसे में सावधानी ही बचाव है।
वेलेंटाइन डे के ऑफर से सावधान रहें। तुरंत विश्वास नहीं करें और अपनी या खाते संबंधी जानकारी किसी से साझा नहीं करें। साइबर जालसाज सक्रिय हैं। सतर्कता बरत कर आप अपनी सुरक्षा कर सकते हैं।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी, नोएडा