फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: 12 माह में पूरा होगा बारापूला फेज-तीन

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने निरीक्षण के बाद कहा - अड़चनें जल्द होंगी दूर
विज्ञापन


निर्माण कंपनी को भुगतान और पेड़ों को हटाने की समस्या लंबे से बनी हुई है

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
मयूर विहार से आईएनए मार्केट तक सिग्नल फ्री सफर के लिए अभी कम से कम एक साल और इंतजार करना पड़ेगा। परियोजना के निर्माण में दो अड़चने हैं। इन्हें जल्द दूर करने को लेकर दिल्ली की नई सरकार गंभीर है। शनिवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मंत्री प्रवेश वर्मा ने परियोजना स्थल का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि परियोजना का निर्माण कार्य कई साल से चल रहा है। पिछली सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं रही। ऐसे में यह कई साल से नहीं बन पाया। अभी निर्माण कंपनी को कुछ भुगतान बाकी है और परियोजना के बीच आ रहे पेड़ों को काटने या हटाने की अनुमति नहीं मिली है। सरकार इन अड़चनों को जल्द दूर करेगी। इसके बाद 12 माह में यह बनकर तैयार हो जाएगा। जनता से जुड़ी परियोजनाएं जल्द पूरी होंगी।
विज्ञापन

बता दें कि बारापुला फेज-3 मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक 3.5 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड है। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2015 में शुरू हुआ था और 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जमीन अधिग्रहण समेत अलग-अलग कारणों से योजना लंबित होती चली गई। बीते साल जमीन संबंधी अड़चन दूर की गई। यह परियोजना दिल्ली के यातायात के लिए महत्वपूर्ण है। इसके पूरा हो जाने से पूर्वी दिल्ली और दक्षिणी दिल्ली में आवाजाही सिग्नल फ्री हो जाएगी।



बारिश में न हो जलभराव

पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में कई स्थान हैं जहां बारिश में पानी भर जाता है। मूलचंद फ्लाईओवर के नीचे पानी भरने की शिकायत हमेशा मिलती थी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दिल्ली में जहां भी पानी भरता है वहां अभी से काम शुरू हो होना चाहिए। पंप लगने चाहिए। पानी निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दिल्ली में बारिश के समय में कोई ऐसी जगह न हो जहां पानी भरे।
विज्ञापन

10 साल तक चलने लायक बनें सड़कें

पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा है कि सड़कों को लेकर तीन प्रमुख मुद्दे हैं जिन पर प्रमुखता से काम किया जाएगा। पहला यह कि अतिक्रमण पर कार्रवाई होगी। इससे लोगों को सड़कों पर चलने में दिक्कत नहीं होगी। दूसरा यह कि जिन सड़कों को निर्माण होगा ठेकेदार की उसकी देखरेख पांच साल के लिए करेगा। हालांकि, ठेकेदारों को कहा गया है कि सड़कों का निर्माण इस तरह से किया जाए कि 10 साल तक चलने लायक बनें। वहीं, तीसरा यह कि सड़कों की साफ-सफाई ठीक तरह से हो। इसमें किसी भी तरह की बहानेबाजी नहीं होनी चाहिए कि सफाई का कम एमसीडी का है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें