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जनता की भागेदारी से रुकेगी ऑटो चालकों की मनमानी

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जनता की भागेदारी से रुकेगी ऑटो चालकों की मनमानी
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नोएडा। पब्लिक की भागीदारी से अब बेलगाम ऑटोवालों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। ट्रैफिक पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जिस पर नियम तोड़ते ऑटो की फोटो खींचकर शिकायत की जा सकेगी। यही नहीं, तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम बजाने वाले और बिना परमिट शहर की सड़कों पर दौड़ रहे ऑटो की भी फोटो खींचकर ट्रैफिक पुलिस को भेजी जा सकती है। पब्लिक की शिकायत पर मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत ऑटो का चालान काटा जाएगा।
सुबह-शाम सड़कों पर ऑटो के हालात देखकर अंदाजा लगा पाना मुश्किल हो जाता है कि गेटवे ऑफ यूपी कहे जाने वाले नोएडा में हैं या फिर किसी गांव-देहात में आए हैं। छह सीट की क्षमता वाले ऑटो में 12 से 15 सवारियों बैठाने के बाद भी ऑटो चालकों का मन नहीं भरता। ऑटो के पीछे सीट लगाकर सवारी बैठाना प्रतिबंधित है, लेकिन यहां सब चलता है, क्योंकि पुलिस-परिवहन विभाग इन पर मेहरबान है। ऐसे में अब एसपी ट्रैफिक अनिल कुमार झा ने जनता के हाथ में ही ऑटोवालों की मनमानी से निपटने की कमान सौंप दी है। एडवाइजरी जारी कर लोगों से अपील की गई है कि नियम तोड़ते ऑटो-टैंपो के रजिस्ट्रेशन नंबर सहित फोटो और शिकायत व्हाट्सएप नंबर 6390005102 पर की जा सकती है। साथ ही, trafficpolicenoida.in पर भी फोटो युक्त शिकायत की जा सकती है। पब्लिक की शिकायत पर संबंधित ऑटो का चालान काटा जाएगा।
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ऑटो उड़ा रहे लोगों की नींद
ट्रैफिक पुलिस के पास ऐसी कई शिकायतें आई हैं जिनमें कहा गया कि रात के समय तेज आवाज में म्यूजिक सिस्टम बजाकर ऑटोवाले आवासीय सेक्टरों के बीच से गुजरते हैं। इससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। रात में सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस नहीं होती। ऐसे में जनता से अपील की गई है ध्वनि प्रदूषण फैला रहे ऑटो की फोटो खींचकर हेल्पलाइन पर भेजें। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190 के अंतर्गत सार्वजनिक स्थान पर सड़क सुरक्षा, शोर नियंत्रण और वायु प्रदूषण से संबंधित मानकों का उल्लंघन करने पर पहली बार 2500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है, जबकि दूसरी बार या इससे अधिक बार मानकों का उल्लंघन करने पर 5000 हजार रुपये जुर्माना देय होगा।
थानों से निकाला जा रहा रिकॉर्ड
ट्रैफिक पुलिस ने अब तक ऐसे 514 ऑटो के परमिट निरस्त करने का प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेजा है जो बिना परमिट या फिर दूसरे जिलों के परमिट पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा में चलते पाए गए हैं। ऐसे ऑटो सीज कर थानों में पहुंचा दिए जाते हैं। मॉडल टाउन, ओखला पक्षी विहार, सूरजपुर्र कासना, तिलपता, सेक्टर-52, सेक्टर-37 व गोल चक्कर पर सबसे ज्यादा परमिट नियमों का उल्लंघन होता है। इन क्षेत्रों से संबंधित थानों में पिछले एक साल का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
ऐसे करें शिकायत
नियम तोड़ते ऑटो की स्पष्ट नंबर दिखाई देने वाली फोटो व वीडियो बनाकर सीधे व्हाट्सएप पर भेजी जा सकती है। trafficpolicenoida.in पर लॉगऑन कर ट्रैफिक वॉयलेशन विकल्प पर जाकर भी 30 सेकेंड या 5 एमबी तक की फोटो/वीडियो क्लिप अपलोड की जा सकती है।
इसलिए बढ़ रही परेशानी
जिले में करीब 19 हजार ऑटो रजिस्टर्ड हैं, जबकि अकेले नोएडा में ही 12 हजार से ज्यादा छह व तीन सीट वाले ऑटो का संचालन किया जा रहा है। गाजियाबाद, बुलंदशहर, कासना, दादरी के परमिट लेकर नोएडा की सड़कों पर ऑटो चालक जाम लगा रहे हैं जिससे जाम की समस्या बढ़ती जा रही है।
अपराधी भी लेते हैं ऑटो का सहारा
पुलिस व प्रशासन की लापरवाही का फायदा ऑटो वाले उठाते हैं। रात के वक्त ऑटो में बदमाश वारदातें भी करते हैं। जैसे ही कोई सवारी अकेली मिलती है, पहले से ही ऑटो में बैठे बदमाश मारपीट करके उसे लूट लेते हैं और सुनसान स्थान पर छोड़कर भाग जाते हैं। ऑटो में नंबर न होने के कारण उसकी पहचान भी नहीं हो पाती है। बदमाश जिन ऑटो से वारदात करते हैं, कभी-कभी उसका नंबर भी गलत डाल लेते हैं, ताकि उसका पता ही न चल सके।
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ऑटोवालों की मनमानी से शहर की यातायात व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। जनता फोटो और वीडियो भेजेगी, जांच के बाद संबंधित ऑटो के चालान काटे जाएंगे।
-अनिल कुमार झा, एसपी ट्रैफिक
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