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ब्याज माफी से प्राधिकरण को होगा 4 हजार करोड़ का नुकसान

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नोएडा। बिल्डरों के बकाये पर लगा ब्याज माफ हुआ तो नोएडा प्राधिकरण को करीब 4 हजार करोड़ का नुकसान उठाना पड़ेगा। फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है और 15 फरवरी को इस संबंध में सुनवाई होगी। पहले 8 फरवरी को सुनवाई होनी थी, लेकिन कोर्ट ने तारीख बढ़ा दी। बिल्डरों पर नोएडा समेत तीनों प्राधिकरणों का हजारों करोड़ रुपया का बकाया है। बकाया नहीं चुकाने की वजह से प्राधिकरण ने खरीदारों के फ्लैटों की ओसी और सीसी को रोक दिया था। ऐसे में प्राधिकरण और बिल्डरों के बकाये के मामले में खरीदारों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों सामान्य ब्याज लगाते हुए बिल्डरों के बकाये की गणना करने की बात कही थी। वहीं, नोएडा प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट से इस आदेश में संशोधन की अपील की है। अब इसी पर सुनवाई होनी है। प्राधिकरण के ओएसडी राजेश कुमार ने बताया कि अगर फैसला प्राधिकरण के हक में नहीं आता है तो करीब 4 हजार करोड़ का नुकसान होगा।
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बिल्डरों की सूची तैयार, नोटिस भेजने की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई के बाद होने वाले फैसले पर खरीदारों का भविष्य निर्भर है। वहीं, नोएडा प्राधिकरण ने बकायेदार बिल्डरों की सूची तैयार कर ली है। कोर्ट से फैसला आते ही बकाये का नोटिस भेजा जाएगा। अगर बिल्डर तय समय पर पैसा जमा नहीं करते हैं तो प्राधिकरण की ओर से आवंटन निरस्तीकरण समेत अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
2.5 लाख खरीदारों का अटका है मामला
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में करीब 2.5 लाख खरीदारों के फ्लैट का मामला अटका है। इसमें ब्याज का मामला हल हो जाता है तो करीब 50 हजार खरीदारों को तत्काल राहत मिल सकती है। यह राहत तब मिलेगी, जब बिल्डरों की ओर से पैसे आदि जमा कराए जाएंगे।
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