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डकैती में फंसाने का आरोप, थाने में आत्मदाह की कोशिश

Wed, 06 Nov 2019 01:48 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
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आत्मदाह की कोशिश - फोटो : Grnoida
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मिर्जापुर गांव में 25 नवंबर को किसान नेता के घर हुई डकैती के मामले में 5 दिन से रौनिजा गांव के 6 युवकों को रबूपुरा पुलिस द्वारा हिरासत में रखने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।

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बड़ी संख्या में रबूपुरा थाने पहुंचीं महिलाओं और पुरुषों ने जमकर हंगामा किया। वहीं, दो महिलाओं ने खुद पर केरोसिन उडे़लकर आत्मदाह की कोशिश भी की। हालांकि, उन्हें रोक लिया गया।

इतना ही नहीं मौके पर पहुंचे एसओ की गाड़ी के आगे भी महिला ने लेटकर विरोध जताया। सूचना पर अन्य थानों से पुलिस बल रबूपुरा भेजा गया और एसपी देहात समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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देर शाम तक लोगों का थाने पर धरना-प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद भी पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवकों को नहीं छोड़ा। बता दें कि जब रबूपुरा थाने में प्रदर्शन चल रहा था, उस दौरान आईजी आलोक सिंह ग्रेटर नोएडा में मौजूद थे।

सुबह लगभग दस बजे बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष रबूपुरा थाने पहुंचें। ग्रामीणों ने रौनिजा गांव के 6 युवकों को पांच से हिरासत में रखने और मिर्जापुर में किसान नेता के घर हुई डकैती के मामले में फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

इसी दौरान एक महिला एसओ की गाड़ी के रास्ते में लेट गई। इसके बाद ग्रामीणों ने उसे समझा बुझाकर हटाया। महिलाओं ने थाने और एसओ का घेराव कर कई आरोप लगाए। हिरासत में लिए गए युवकों को छुड़ाने के लिए उनके परिवार की दो महिलाओं ने थाने में ही खुद पर केरोसिन उडे़लकर आत्मदाह की कोशिश की।

हालांकि, दोनों को ग्रामीणों और पुलिस ने उन्हें रोक लिया। सूचना पर पहुंचे सीओ जेवर शरद चंद ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, ग्रामीण पुलिस पर आरोप लगाते रहे। उधर, एसओ विनीत कुमार ने आरोपियों से डकैती के संबंध में सुराग मिलने का दावा किया है।

एसपी देहात के आश्वासन पर हुए शांत
सूचना पर एसपी देहात रणविजय सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को समझाया। एसपी देहात ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिया कि किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस पर ग्रामीण शांत हुए। लेकिन, देर शाम तक थाने पर धरना-प्रदर्शन जारी रहा।

किसान नेता भी पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं
गांव मिर्जापुर में किसान नेता सुरजन सिंह के घर डकैती हुई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों को लेकर उनके घर आई थी। उन्होंने युवकों से कुछ बातें पूछीं तो वह जवाब नहीं दे पाए। वहीं, पुलिस इतने दिन में भी युवकों से कोई आभूषण आदि बरामद नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि वह पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। वह नहीं चाहते कि किसी निर्दोष को फंसाया जाए।

किसान आज पंचायत कर बनाएंगे रणनीति
सुरजन सिंह ने बताया कि किसान संगठन के पदाधिकारियों से पुलिस ने वारदात के खुलासे के लिए आठ दिन का समय मांगा था। लेकिन, इससे अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद अब तक खुलासा नहीं हुआ है। किसान संगठन के कार्यकर्ता मामले में बुधवार को पंचायत कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे।

9 डकैतों ने लूटे थे 10 लाख के नकदी-आभूषण
मिर्जापुर निवासी सुरजन सिंह कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक है और भाकियू अराजनैतिक के किसान नेता हैं। 26 अक्तूबर को हथियारबंद नौ डकैत दीवार फांदकर उनके घर में घुसे थे। बदमाशों ने बच्चे और महिलाओं को गोली मारने की धमकी देकर 5 लाख नकदी और 5 लाख के आभूषण लूट लिए थे।
एनकाउंटर की आशंका पर भड़के ग्रामीण
रौनिजा गांव के ग्रामीण कस्बा स्थित बीज गोदाम के पास एकत्रित हो रहे थे। कुछ ग्रामीण थाने पहुंच गए थे। इस दौरान पुलिस पकड़े गए युवकों को पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाने लगी। इसकी सूचना जैसे ही ग्रामीणों को लगी वह थाने पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। बताया गया है कि ग्रामीणों को आशंका हुई कि पुलिस युवकों का एनकाउंटर न कर दे, इसके चलते ग्रामीण भड़क गए।

शक के आधार पर युवकों से पूछताछ की गई है। हालांकि, अभी तक युवकों से डकैती का माल बरामद नहीं हुआ है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। किसी भी निर्दोष पर कार्रवाई नहीं होगी।
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- रणविजय सिंह, एसपी देहात

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