-दादरी निवासी दो भाइयों और बुलंदशहर के आरोपी को सत्र अदालत ने सुनाई सजा
-तीनों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना, जमा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास
अदालत से-
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पत्नी की हत्या के करीब 11 साल पुराने मामले में सत्र अदालत ने पति और उसके भाई समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दादरी निवासी ईनाम और उसके भाई बब्लू के अलावा बुलंदशहर निवासी आजाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, 16 जुलाई 2015 को इस्लामुद्दीन ने दादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी बहन वरीसा की शादी करीब 15 वर्ष पहले ईनाम से हुई थी। दंपती के चार बच्चे थे। आरोप था कि ईनाम पत्नी को प्रताड़ित करता था और दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। घटना के दिन ईनाम वरीसा को कमरे में ले गया था। उसके साथ भाई बब्लू और आजाद भी मौजूद थे। कुछ देर बाद तीनों कमरे से बाहर निकले। बच्चों के पूछने पर उन्हें मां के ननिहाल जाने की बात बताई गई। शक होने पर इस्लामुद्दीन घर पहुंचा तो सामान अस्त-व्यस्त मिला। बेड खोलने पर वरीसा का शव बरामद हुआ। पुलिस ने मामले में तीनों को गिरफ्तार कर हत्या की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया था। अभियोजन ने कड़ी सजा की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने कम सजा देने की अपील की। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
पत्नी पर शक करता था आरोपी-
पुलिस जांच में सामने आया था कि ईनाम पत्नी के चरित्र पर शक करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद रहता था। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन विवाद के बाद वरीसा की हत्या की गई थी।