कहा- एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरे लोकतंत्र और संविधान पर हमला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई पर जूता फेंकने और उन्हें मिल रहीं धमकियों को दलितों व न्यायपालिका को दबाने की सुनियोजित साजिश बताया है। बृहस्पतिवार को उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि पूरे लोकतंत्र और संविधान पर हमला है।
जूता फेंकने और सोशल मीडिया पर धमकियां देने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह सब योजनाबद्ध तरीके से हो रहा है। मुख्य न्यायाधीश को न्याय नहीं मिल रहा तो आम दलित किससे उम्मीद करेगा। यदि इस तरह के हमलावरों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इसका भयावह असर पूरी न्यायपालिका पर पड़ेगा। न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला संविधान और बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की विचारधारा का अपमान है। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि सीजेआई पर हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरे दलित समाज और संविधान की आत्मा पर हमला है। सत्ता में बैठे लोगों को बर्दाश्त नहीं कि दलित समाज से कोई देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचे।