बराड़ा। एसडीएम कार्यालय में गवाही देकर लौट रहे अधोया गांव निवासी जयपाल पर लोहे की रॉड, गंड़ासी और चाकू से हमला हो गया। यह आरोप गांव के सरपंच सहित ग्राम सचिव सहित सात लोगों पर लगे।
घायल का आरोप था कि उसने गांव के जोहड़ और खेतीबाड़ी की जमीन पर कब्जा करने की आरोपियों के खिलाफ शिकायत कर रखी है। एसडीएम कोर्ट में गवाही देने के बाद लौट रहा था तो आरोपियों ने बाइक आगे लगाकर मारपीट कर घायल कर दिया। बराड़ा थाना पुलिस ने अधोया गांव निवासी जयपाल की शिकायत पर सरपंच कुलदीप सिंह, ग्राम सचिव अनुज, पार्थ राणा, शिव कुमार, जतिंद्र व दो अन्य पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
हमलावरों पर दस्तावेज ले जाने का आरोप
शिकायतकर्ता जयपाल सिंह ने आरोप लगाया कि उसके गांव के सरपंच कुलदीप सिंह ने ग्राम सचिव अनुज के साथ मिलकर गांव के ही जोहड़ और गांव की कृषि योग्य जमीन पर खुद और अपने साथियों के साथ मिलकर कब्जा किया हुआ है। इसके संबंध में उसने व अन्य ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव के खिलाफ अंबाला उपायुक्त को शिकायत दी थी। जिसकी जांच के लिए बराड़ा एसडीएम को शिकायत भेजी गई थी। इस संबंध में 2 अप्रैल को एसडीएम कार्यालय में दोनों पक्षों को जांच के लिए बुलाया गया।
जयपाल ने बताया कि वह गांव के ही संदीप कुमार और प्रताप कुमार के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे वहीं, दूसरे पक्ष से सरपंच कुलदीप और ग्राम सचिव अनुज कुमार, बीडीपीओ व कई अन्य लोग वहां मौजूद थे। एसडीएम ने मामले में उसके बयान लिखे और कहा कि मामले में यदि उनके पास कोई कागज हैं तो शाम तक उन्हें जमा करवा दें। सरपंच कुलदीप और सचिव अनुज के पास कोई कागज नहीं था और रजिस्टर भी अधूरा था।
एसडीएम ने जयपाल से कहा कि स्टेनो को अपना बयान लिखवा दें। जिस पर वह तीनों स्टेनो के पास गए और अपना बयान लिखवाया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब वह एसडीएम ऑफिस से बाहर जाने लगे तो कुलदीप और अनुज ने उन्हें धमकी देते कहा कि वह उसे देख लेंगे। बाइक लेकर घर जाने लगा तो रास्ते में रास्ता रोककर दस्तावेज छीन लिए और फिर मारपीट की घायल किया।