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रिटायर्ड दरोगा के खाते में 98 लाख आई, बिचौलिए व विभागीय अधिकारी से थी सेटिंग
नहीं मिले जांच के लिए मांगे गए दो विशेषज्ञ
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। कोषागार घोटाला में विभागीय चार अधिकारियों के नामजद रिपोर्ट के बाद सामने आए दो और एकांउटेंट के नामों की जांच चल ही रही थी, कि शुक्रवार को एक और असिस्टेंट एकाउंटेंट की भूमिका संदिग्ध पाई है। जिस पर जांच टीम ने रिपोर्ट मांगी है। यह असिस्टेंट एकाउंटेंट पहले जेल जा चुके एकाउंटेंट के सगे रिश्तेदार हैं। इसके अलावा नांदी तौरा के एक रिटायर्ड दरोगा के खाते में 98 लाख से अधिक की रकम विभाग के कर्मचारियों द्वारा भेजी गई। इसमें बिचौलिया व विभागीय दो एटीओ की सांठगांठ बताई गई है।
एसआईटी की जांच शुक्रवार को जारी रही। जांच टीम द्वारा आर्थिक अनुसंधान केंद्र लखनऊ से विभाग के एप व भुगतान प्रक्रिया के साथ जानकारी करने के लिए मांगे गए दो कर्मचारी अभी तक नहीं मिले हैं। इसके अलावा विभाग के दो एकाउंटेंट राजबहादुर व योगेेंद्र सिंह के पटल से हुए भुगतान के विवरण की जांच जारी रही।जांच टीम के अधिकारियोें ने इन दोनों एकाउंटेंट के पटल से हुए भुगतान का विवरण लेकर उनके डिजिटल प्रमाणित हस्ताक्षर को सही पाया है। इनके पटल से हुए लगभग सात करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान का मिलान कराया जा रहा है। इसके अलावा कार्यालय में तैनात असिस्टेंट एकाउंटेंट राजेश भारती के पटल की संदेह होने पर जांच की गई। इसमें से भी चार साल में तीन करोड़ से अधिक का भुगतान पास हुआ है। यह असिस्टेंट एकाउंटेंट राजेश पहले जेल जा चुके एकाउंटेंट अशोक वर्मा के सगे रिश्तेदार बताए गए हैं।
43.13 करोड़ के कोषागार घोटाला मामले में सामने आया कि एक रिटायर्ड दरोगा नांदीतौरा निवासी नत्थूराम यादव की बिचौलिया रणविजय और विभाग के दो एटीओ से तगड़ी सांठगांठ थी। इसके खाते में 98 लाख 37 हजार 497 रुपये हैं। जांच टीम ने यह भी पाया कि इसको पूरे मामले की जानकारी बिचौलिये से थी। इस दरोगा व बिचौलिये की विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से प्रतिदिन एक या दो बार फोन पर बातचीत होती थी। जांच प्रभारी सीओ अरविंद वर्मा व जांच अधिकारी अजीत पांडेय ने बताया कि संपत्ति की जांच के अलावा खातेदारों के बैंक के कागजात और कोषागार विभाग के कागजात के मिलान का काम बहुत ज्यादा है। यह क्रम जारी है। कई अन्य अधिकारी कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। सभी जांच के दायरे में हैं। कोषागार विभाग में होने वाले भुगतान व तैयार होने वाले कागजातों के अलावा अतिरिक्त भेजी गई धनराशि के तरीके की जांच के लिए लखनऊ से दो विशेषज्ञ शासन से मांगे गए थे। जो फिलहाल अभी तक नहीं आए हैं और इनके आने का कोई संकेत भी नहीं मिला है।
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दरोगा समेत तीन की जमानत याचिका खारिज
चित्रकूट। कोषागार घोटाला मामले में जेल में बंद पेंशनर व बिचौलियोंं में तीन की शुक्रवार को जमानत याचिका पर कोर्ट में बहस हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता श्यामसुंदर मिश्रा ने बताया कि रिटायर्ड दरोगा नांदी निवासी नत्थूराम यादव, अनीपुर निवासी बलवंत सिंह व अर्जुनपुर निवासी दुर्गाप्रसाद की जमानत खारिज हो गई है। इसमें नत्थू के खाते में 98 लाख से अधिक, बलवंत के खाते में 12 लाख से अधिक व दुर्गा प्रसाद के खाते में 45 लाख से अधिक की रकम भेजी गई है। इसमें नत्थू ने एक लाख रुपये जमा भी किया है। उधर अधिवक्ता आशीष तिवारी ने बताया कि जयश्री, अवधेश, दीनानाथ, भोलू व शिवबहादुर की जमानत याचिका पर अदालत ने तारीख दी है।