मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में मरीज की आंखो की जांच करते डॉ. हेमंत यादव। संवाद
जिले में सर्दी का असर बढ़ते ही मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में आंखों में एलर्जी, सूखापन (ड्राई आई) और आंखें लाल होने की शिकायत वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। नेत्र विभाग की ओपीडी में रोजाना 140 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं जिनमें 30–40 मरीज सिर्फ एलर्जी और ड्राई आई की समस्या से ग्रसित पाए जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार को इलाज के लिए पहुंचे कुछ मरीजों ने बताया कि आंखों में जलन, खुजली, पानी आना और सूखापन की समस्या पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही है। करारी क्षेत्र के रमेश कुमार ने बताया कि सुबह के समय आंखों में जलन और सूखापन बढ़ जाता है। दवा लेने पर ही राहत मिलती है। वहीं भरवारी निवासी सीमा देवी ने कहा कि हवा चलने पर आंखें लाल हो जाती हैं और खुजली भी बहुत होती है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत यादव ने बताया कि सर्दी की शुरुआत में हवा में नमी की मात्रा कम हो जाती है जिससे आंखों की सतह सूखने लगती है। ऐसे में एलर्जी, ड्राई आई और कंजक्टिवाइटिस जैसी समस्याएं होती हैं। उन्होंने बताया कि इस मौसम में धूल और ठंडी हवा आंखों को सबसे अधिक प्रभावित करती है।
डॉ. यादव ने सलाह दी कि सुबह और शाम के समय घर से बाहर निकलते समय आंखों को ठंडी हवा से बचाएं। धूल वाले स्थानों पर चश्मे का उपयोग करें। दिन में दो से तीन बार डॉक्टर द्वारा बताई गई ड्रॉप आंखों में डालें। बिना परामर्श के किसी भी प्रकार की आई ड्रॉप का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे समस्या और बढ़ सकती है।
नेत्र विभाग अलर्ट मोड पर है और मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त काउंटर और परामर्श का समय बढ़ाया गया है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि आंखों में जलन, लालिमा या सूखापन बढ़ने पर तुरंत अस्पताल आकर जांच कराएं।