करनाल के रामलीला भवन में श्री रामायण पाठक सभा द्वारा सीता स्वयंवर का नाट्य मंचन किया गया। श्रीराम के धनुष तोड़ने के दृश्य पर दर्शकों में उत्साह और जयकारे गूंज उठे। कार्यक्रम में कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
करनाल। रामलीला भवन में श्री रामायण पाठक सभा के कलाकारों ने सीता स्वयंवर का मंचन किया। कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि राजा जनक के दरबार में विश्वभर से आए राजाओं और वीरों ने भगवान शिव के धनुष को उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी उसे हिला तक न सका। सभा में तब ठहाके गूंजने लगे जब मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम मंच पर आए और सहज भाव से शिव के धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई। धनुष टूटने की गूंज के साथ ही पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
सीता स्वयंवर में श्रीराम को विजेता घोषित किया गया और सीता का विवाह श्रीराम से हुआ। रामलीला मंचन के दौरान दर्शक नृत्य का भी आनंद ले रहे थे। सभा के प्रधान रमेश चंद गुप्ता ने बताया कि 26 सितंबर को श्रीराम वनवास, 27 सितंबर को सत्यवादी राजा हरीश चंद्र, 28 सितंबर को भरत मिलाप, 29 सितंबर को सीता हरण, 30 सितंबर को लंका दहन, 1 अक्तूबर को लक्ष्मण मूर्छा तथा 2 अक्तूबर को दशहरे के दिन रावण वध एवं राजतिलक के उपरांत भगवान श्रीराम दरबार की आरती के पश्चात रामलीला मंचन को विश्राम दिया जाएगा।
श्रीराम की लीलाओं का मंचन रोजाना रात को नौ बजे शुरू होगा। इस अवसर पर सभा के चेयरमैन नरेश गुप्ता, महासचिव प्रभात गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोज गोयल, मुख्य निर्देशक रामकिशन गुप्ता और महाप्रबंधक रविंद्र बंसल के साथ अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।