एडीएम प्रशासन ने दादरी एसडीएम को सौंपी जांच, राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर मर्जी से खरीदारों को भुगतान का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दादरी तहसील में रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) पर वसूली के बाद भुगतान में हो रही मनमानी की जांच होगी। इस संबंध में एडीएम वित्त एवं राजस्व ने दादरी एसडीएम को जांच सौंपी है। आरोप है कि राजस्व विभाग के कर्मचारी अपनी मर्जी से खरीदारों को आरसी का भुगतान कर रहे हैं। इसकी काफी शिकायतें खरीदारों ने की है। उन शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं की गई। अमर उजाला ने 21 अगस्त के अंक में आरसी वसूली के बाद भुगतान में मनमानी खबर प्रकाशित कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
दादरी तहसील में यूपी रेरा की सबसे अधिक आरसी हैं। वहां पर 1700 से अधिक आरसी लंबित हैं। जो 129 बिल्डरों से जुड़ी है और इनमें करीब 400 करोड़ रुपये बकाया है। यहां खरीदारों का आरोप है कि तहसील स्तर पर आरसी का पैसा बिल्डरों से वसूल किया जा रहा है लेकिन उसे खरीदारों को देने में मनमानी की जा रही है। पुरानी आरसी की जगह नई आरसी का पैसा जारी कर दिया जाता है। खरीदारों ने तहसील के साथ जनसुनवाई पोर्टल पर इसकी शिकायत की है लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं की गई। खरीदारों ने तहसील के राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जिसकी खबर अमर उजाला में प्रकाशित की गई थी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और एडीएम वित्त एवं राजस्व ने एसडीएम से जवाब मांगा। साथ ही इस मामले की जांच एसडीएम दादरी को सौंपी गई है।
शिकायतों की जानकारी मिली है। इसकी जांच एसडीएम दादरी को दी गई है। जांच कर एसडीएम रिपोर्ट देंगे। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -अजीत कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व