आदेश में बदलाव का अधिकार केवल पीडब्ल्यूडी सचिवालय के पास होगा
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3,000 से अधिक इंजीनियर और कर्मचारी हैं कार्यरत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इंजीनियर स्तर पर तबादलों में हो रही मनमानी पर नकेल कस दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी इंजीनियर के तबादले के आदेश में बदलाव का अधिकार केवल पीडब्ल्यूडी सचिवालय के पास होगा। यह आदेश उन घटनाओं के बाद जारी हुआ है जिनमें कुछ वरिष्ठ इंजीनियरों ने सचिवालय की लिखित अनुमति के बिना ही तबादलों में फेरबदल कर दिए थे।
पीडब्ल्यूडी सचिवालय के इस ताजा निर्देश को विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता बहाल करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में तबादले रद्द करने या बदले जाने की शिकायतें सीधे मंत्री और सचिवालय स्तर तक पहुंची थीं। इसके बाद सचिवालय ने यह आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि अब तबादलों में किसी भी स्तर पर स्थानीय हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी दिल्ली सरकार की प्रमुख विकास एजेंसी है जहां 3,000 से अधिक इंजीनियर और कर्मचारी कार्यरत हैं। विभाग में हर वर्ष बड़ी संख्या में तबादले और नियुक्तियां होती हैं जिनमें अक्सर विवाद और राजनीतिक दबाव की शिकायतें आती रही हैं। अब सचिवालय ने यह भी साफ कर दिया है कि किसी आपात स्थिति में इंजीनियर सीधे सचिवालय को सूचित करेंगे, न कि खुद से आदेश में कोई परिवर्तन करेंगे। इससे पहले भी विभाग ने अप्रैल और अगस्त में दो बार चेतावनी जारी की थी।