- यमुना प्राधिकरण की ओर से बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी को जारी की गई गाइड लाइन, चेतावनी भी दी गई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने यमुना सिटी में बनने जा रही बहुप्रतीक्षित फिल्म सिटी परियोजना को लेकर डेवलपर्स को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्राधिकरण ने साफ किया है कि किसी भी तरह का निर्माण कार्य शुरू करने या शिलान्यास समारोह आयोजित करने से पहले फिल्म स्टूडियो और फिल्म संस्थान की लेआउट व बिल्डिंग योजनाओं को स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।
फिल्म निर्माता बोनी कपूर और भूटानी ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम, बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्राइवेट लिमिटेड 2 मई को जारी आधिकारिक पत्र में कंसेशन एग्रीमेंट की शर्तों का सख्ती से पालन करने को कहा है। इसमें याद दिलाया गया है कि परियोजना की शुरुआत दो मुख्य घटकों फिल्म स्टूडियो और फिल्म प्रशिक्षण संस्थान से ही होनी चाहिए। जिन्हें पहले तीन वर्षों में पूरा करना आवश्यक है।यीडा के सीईओ अरुण वीर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष 27 जून को कंसेशन समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे और उसके अनुसार एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य शुरू करना अनिवार्य है। समय पर काम शुरू न होने की स्थिति में प्रति दिन डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
दरअसल, फिल्म सिटी परियोजना 230 एकड़ क्षेत्र में फैली है, जिसमें से 155 एकड़ औद्योगिक उपयोग (स्टूडियो और संस्थान) और 75 एकड़ वाणिज्यिक उपयोग के लिए निर्धारित है। जनवरी में भूमि उपयोग मानचित्र को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन यीडा ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत लेआउट और योजनाओं के कोई भौतिक कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। इन योजनाओं में स्टूडियो, संस्थान, पार्किंग, लैंडस्केपिंग और भवन-स्तरीय अनुमतियां शामिल होंगी, जो अथॉरिटी के निर्माण उपनियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
आईजीबीसी गोल्ड रेटिंग प्राप्त करना अनिवार्य
यह भी निर्देश दिया है कि परियोजना को पर्यावरणीय मानकों का पालन करना होगा। इसके तहत ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणपत्र ग्रह 4-स्टार या आईजीबीसी गोल्ड रेटिंग प्राप्त करना अनिवार्य है। इसपरियोजना में विकासकर्ता की ओर से आठ वर्षों में 1,510 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना है, जिसमें दूसरे वर्ष 50 करोड़, तीसरे वर्ष 75 करोड़ और चौथे से आठवें वर्ष तक प्रति वर्ष 100 करोड़ का निवेश शामिल है।