एक साल से नियुक्तियां लंबित पड़ी हैं, हाईकमान को भेजी जा चुकी है सूची
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बिहार चुनाव संपन्न होने के बाद हरियाणा में बोर्ड-निगमों में चेयरमैनों और सदस्यों की नियुक्तियों की चर्चा फिर तेज हो गई है। हाईकमान इन नियुक्तियों को जल्द मंजूरी दे सकता है। पार्टी भी चाहती है कि इन पदों के लिए जो भी उपयुक्त हैं, उन्हें जल्द से जल्द कुर्सी पर बैठाया जाए। राज्य संगठन की ओर से चेयरमैन व सदस्यों की सूची पहले ही हाईकमान को भेजी जा चुकी है। वहीं, पार्टी के वफादार कार्यकर्ता भी काफी दिनों से इंतजार में बैठे हैं।
बिहार चुनाव में सरकार के मंत्रियों के साथ संगठन के भी दौरे पर थे। अब सभी लौट आए हैं। ऐसे में राज्य में पार्टी की गतिविधियां अब बढ़ जाएंगी। हरियाणा में राजनैतिक नियुक्तियां काफी दिन से लटकी हुई हैं। राज्य में करीब 53 निगम व बोर्ड जिनमें नियुक्तियां होनी हैं। नई सरकार के गठन के बाद से इन पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई हैं। सैनी सरकार को एक साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। पिछले दिनों सरकार मार्केट कमेटी का गठन कर चुकी है। राज्य के सभी 22 जिलों की मार्केट कमेटी के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन नियुक्त किए गए हैं। इनमें कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को समायोजित किया जा चुका है। इससे पहले जिला कष्ट निवारण समिति में भी कार्यकर्ताओं को मौका दिया गया था। चेयरमैनी और सदस्यों को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच काफी होड़ रहती है। अपनी दावेदारी के लिए कार्यकर्ता केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, सीएम नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के दरबार में निरंतर हाजिरी लगा रहे हैं। वहीं, कुछ लोग आरएसएस के भी संपर्क में हैं।
इन लोगों को मिलेगी प्राथमिकता
प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली स्पष्ट कर चुके हैं कि चेयरमैनी में उन लोगों को मौका दिया जाएगा जिन्हें अभी तक कोई पद नहीं दिया गया। जो लोग चुनाव लड़ चुके हैं न तो उन्हें और न ही बाहर से आए लोगों को कोई अवसर दिया जाएगा। इस बार उन भाजपा कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जाएगी, जो पार्टी के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं। इसी तरह उन्हें भी मौका मिल सकता है, जिन्होंने अपने टिकट का बलिदान देकर पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं।