फर्जी डिग्री के मामले में पद से हटाई गई शिक्षिका सुषमा रानी
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ग्रेटर नोएडा। आगरा विवि की फर्जी डिग्री बनवाकर कई वर्षों से सहायक शिक्षिका के रूप में पढ़ा रही दो महिलाओं की नियुक्ति रद्द कर दी गई है। प्राथमिक विद्यालय चचुरा, दनकौर में तैनात सहायक अध्यापिका सुषमा रानी और प्राथमिक विद्यालय नई बस्ती, जेवर में तैनात सहायक अध्यापिका संतोष कुमारी को बर्खास्त कर दिया गया है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सचिव बेसिक शिक्षा परिषद और शासन की ओर से नियुक्ति रद्द करने के आदेश आए थे। आगरा विवि में जांच के बाद प्रदेश में ऐसे 812 शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश दिया गया था।
डाइट प्राचार्य और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के अंतर्गत दोनों को 6 फरवरी को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया गया था। इनके उपस्थित नहीं होने पर नियमानुसार दोनों की नियुक्ति निरस्त करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसमें सुषमा रानी की विशिष्ट बीटीसी नियुक्ति 2008 के आधार पर 11 मार्च वर्ष 2010 में वेरी-2 प्राथमिक विद्यालय कासगंज में हुई थी। वहीं, 14 अगस्त 2012 को उनका स्थानांतरण गौतमबुद्ध नगर में हुआ था। 26 फरवरी 2012 को उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया था।
जबकि संतोष कुमारी ने वर्ष 2004-05 में इसी विवि से बीएड की डिग्री के आधार पर 10 मार्च 2010 को पिपहरा प्राथमिक विद्यालय एटा में सहायक अध्यापक के पद पर भर्ती हुई थी। 25 सितंबर 2012 को वह जिले में चचूरा विद्यालय में स्थानांतरित हुई।
सात फरवरी 2020 को बीआर आंबेडकर विवि आगरा ने 2833 विद्यार्थियों की डिग्री फर्जी होने की जांच रिपोर्ट उच्च न्यायालय इलाहाबाद में पेश की थी। किरण लता सिंह व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में 26 फरवरी 2020 को उच्च न्यायालय ने 812 लोगों के खिलाफ फर्जी डिग्री मामले में उनकी नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश दिया था।
बिना कॉलेज गए ही बनवाई थी डिग्री
वर्ष 2004-05 सत्र में बीआर आंबेडकर विवि आगरा में तैनात कुछ कर्मियों ने मिलीभगत कर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को फर्जी डिग्री और मार्कशीट तैयार कर दी थी। इसके आधार पर बड़ी संख्या में लोगों ने सहायक अध्यापक और अध्यापिका के पद पर नौकरी पा ली थी। वर्ष 2017 में इस मामले का खुलासा होने पर विवि ने अपने स्तर पर जांच कराई। जिसमें पता चला कि डिग्री हासिल करने वालों ने कभी कॉलेज आकर पढ़ाई ही नहीं की और परीक्षाएं भी नहीं दीं। इसके बाद विवि ने 2833 फर्जी डिग्रीधारकों की सूची बनाई थी।
फर्जी डिग्री के मामले में पद से हटाई गई शिक्षिका संतोष कुमारी- फोटो : Grnoida