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Noida News: सेब के बगीचों में नए पत्ते, फूल आने के बाद अब लगने लगे फल

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पत्तझड़ के बाद सेब के बगीचों  में निकल रही प​त्तियां फूल
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बागवानी विशेषज्ञ के अनुसार अगले साल की फसल के लिए चिंताजनक स्थिति बनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। नमी वाले सेब और अन्य फलदार बगीचों में पेड़ों पर पत्ते और फूल निकलने के बाद अब फल बनने शुरू हो गए हैं। बागवानी विशेषज्ञ इसे अगले साल की फसल के लिए चिंताजनक और नुकसानदायक मान रहे हैं। सेब तुड़ान से पहले बगीचों में पतझड़ की मार अगले साल की फसल पर भारी पड़ने वाली है। बगीचों में समय से पहले पतझड़ और अब सेब के पेड़ों पर असमय खिले फूलों और फल आने से बागवानी पर बड़ा संकट सामने है। बागवानी विभाग के एसएमएस डाॅ. संजय चौहान ने बताया कि सेब बहुल क्षेत्र में करीब तीस प्रतिशत बगीचों में फूल और पत्तियां आजकल निकल रही हैं। जिन बगीचों में 15 दिन पहले पत्ते और फूल निकलने की प्रक्रिया शुरू हुई, वहां अब फल आने लगे हैं। इस साल गर्मी में खराब मौसम और बीमारी की मार का असर सेब बगीचों पर नजर आने लगा है। विपरीत मौसम के कारण समय पहले पत्ते झड़ने और शरद ऋतु से पहले गर्मी के कारण फिर से फूल निकाल रहे हैं। असामान्य रूप से गर्म मौसम, पेड़ हार्मोन के असंतुलन या तनाव के कारण यह प्रतिक्रिया हो रही है। इसे रोकने का कोई उपाय नहीं है। इससे अगले साल की फसल पर प्रभाव पड़ना स्वभाविक है। पलम और अन्य फलदार पौधों में भी इस प्रकार की सूचना मिल रही है।
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फंगस का समय पर नहीं रुका संक्रमण
कृषि विज्ञान केंद्र रोहड़ू की प्रभारी डाॅ. उषा शर्मा ने बताया कि किसी भी फलदार पौधे में पत्तों का अहम महत्व होता है। बागवानों ने इस साल अच्छी पैदावार के बाद कई मिश्रित दवाइयों का बगीचों में इस्तेमाल किया। बारिश के कारण कई बागवान फंगस का समय पर संक्रमण नहीं रोक सके। इससे सेब के पत्ते जून से ही झड़ने शुरू हो गए थे। जहां पत्तों में बागवान समय पर संक्रमण नहीं रोक सके, वहां पत्ते गिरने के बाद फल तुड़ान पूरा होने पर दोबारा फूल और फल आने शुरू हो गए है। अब ठंड बढ़ने पर फल विकास नहीं होगा। अगले साल की पैदावार पर इसका असर देखने को मिलेगा, इसलिए बागवानों को आगे से सचेत रहने की जरूरत है।
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