ग्रेटर नोएडा। ओमीक्रोन-1ए में कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में नामजद छात्र दक्ष भाटी की अग्रिम जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। जमानत प्रदान करने के लिए कोई असाधारण आधार नहीं दिखता।
मामला कासना कोतवाली में दर्ज है। वादी प्रियांशु ने आरोप लगाया था कि 22 नवंबर की शाम वह अपने दोस्तों निशांत, मुकुल और वंश के साथ ओमीक्रोन-1ए में कोचिंग पढ़ रहा था। इसी दौरान निशांत के मोबाइल पर दक्ष भाटी का फोन आया और धमकी दी गई। वादी ने बताया कि उसके भाई लक्की व दोस्त युवराज, अमन भी मौके पर गाड़ियों से पहुंच गए तभी आर्यन भाटी, दक्ष भाटी, हैप्पी भाटी, दीपांशु भाटी, अंश भाटी और 5-7 अज्ञात लड़के कई वाहनों से पहुंचे और ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं थी। फायरिंग के दौरान वादी पक्ष ने छिपकर जान बचाई। हमलावरों ने वादी के चाचा सौरभ को पकड़कर लाल बिल्डिंग में ले जाकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
जांच में सह आरोपी सागर भाटी और अमन भाटी को पुलिस ने गिरफ्तार कर निशानदेही पर तमंचा व कारतूस बरामद हुआ था। सह आरोपी हैप्पी भाटी को भी मेरठ पुलिस ने 26 नवंबर को तमंचे के साथ पकड़ा था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी 12वीं कक्षा का छात्र है। वादी प्रियांशु द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में आरोपी की माता के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी की गई थी। ब्यूरो