नोएडा। राजस्थान के अलवर जिले में ततारपुर चौराहे पर किसान नेता राकेश टिकैत के काफिले पर हुए हमले से गुस्साए भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) से जुडे़ किसानों ने शुक्रवार देर शाम चिल्ला बॉर्डर जाम कर दिया। सौ से ज्यादा किसान अपने निजी वाहनों से रात करीब आठ बजे चिल्ला बॉर्डर पर पहुंचे और जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चिल्ला बॉर्डर किसानों के कब्जे में रहा। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को डीएनडी के रास्ते कालिंदी कुंज की ओर डायवर्ट किया। बाद में दिल्ली और नोएडा पुलिस के आश्वासन पर किसानों ने जाम खोला।
इससे पहले शुक्रवार शाम को भाकियू के महानगर अध्यक्ष परवेंद्र अवाना के कार्यालय पर किसानों ने एक बैठक का आयोजन किया। इसमें राकेश टिकैत के काफिले पर हुए हमले पर चर्चा की गई। इसके बाद किसान अपने-अपने वाहनों से चिल्ला बॉर्डर पहुंच गए और वहां जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं धरने पर भी बैठ गए। किसान, राकेश टिकैत पर हमला करने वालों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। संगठन के मेरठ मंडल अध्यक्ष पवन खटाना के नेतृत्व में किसानों ने नारेबाजी की। मामला बढ़ता देख पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए।
उधर, यातायात के लिहाज से व्यस्ततम समय होने से कुछ ही देर में चिल्ला बॉर्डर पर वाहनों की कतार लगनी शुरू हो गई। इस बात की सूचना पर दिल्ली और नोएडा पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को मनाने की कवायद शुरू की। किसानों का कहना था कि उनके नेता को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। नोएडा पुलिस के एडीसीपी रणविजय सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को जल्द ही उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद किसानों ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। किसानों ने कहा कि शनिवार शाम तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो फिर से चिल्ला बॉर्डर पर जाम लगा देंगे। धरने में संगठन के एनसीआर अध्यक्ष सुभाष चौधरी, जिलाध्यक्ष अनित कसाना, मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान, सुमित तंवर आदि मौजूद रहे।
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पुलिसकर्मी समझ नहीं पाए, किसानों ने लगा दिया जाम
चिल्ला बॉर्डर पर पहले भी किसानों ने कई दिनों तक लगातार जाम लगाया था। बाद में पुलिस ने एक रणनीति के तहत किसानों को वहां से उठा दिया था। किसान बॉर्डर पर फिर से धरना शुरू न कर दें इसके लिए वहां भारी संख्या में पुलिस बल 24 घंटे तैनात किया गया। शुक्रवार को भी पुलिस बल वहां मुस्तैद था। पुलिस को उम्मीद नहीं थी कि किसान एकाएक आकर बॉर्डर पर जाम लगा देंगे। शुक्रवार रात किसान अचानक बॉर्डर पर पहुंचे। जब तक वहां तैनात पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, तब तक किसानों ने बॉर्डर पर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी।
धरना खत्म होते ही डायवर्जन समाप्त
किसानों की रणनीति पर एक बार फिर पुलिस पर भारी पड़ी। नोएडा के एडीसीपी रणविजय सिंह मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से बातचीत शुरू की। एडीसीपी ने बताया कि किसानों का धरना खत्म होते ही डायवर्जन व्यवस्था समाप्त कर दी गई। इसके बाद वाहनों को चिल्ला बॉर्डर से ही निकाला गया।