सकलडीहा विकासखंड के मनियारपुर गांव का पंचायत भवन और आगनबाड़ी केंद्र बंद होने से शोपीश बनकर रह गया है। इससे जहां नौनिहालों की शिक्षा बाधित हो गई है वहीं पंचायत में मिलने वाली सुविधा से ग्रामीण वंचित हैं।
इसे लेकर ग्रामीणों व बच्चों के अभिभावकों में है। गांव के विकास व ग्रामीणों को योजना के तहत जागरूक करने और योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्र बनाए गए हैं।
दोनों के भवन बंद रहने से नौनिहालों को जहां शिक्षा नहीं मिल पा रही है, वहीं ग्रामीण सरकार की ओर से संचालित आय, जाति, निवास, पीएम आवास, सीएम आवास सहित विभिन्न सरकारी सुविधा से वंचित हैं।
ग्रामीणों को अनावश्यक ब्लॉक और तहसील का चक्कर काटना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत भवन में जब मनरेगा का पैसा मिलना होता है तो खुलता है। आंगनबाड़ी केंद्र पर तो बच्चे दिखाई ही नहीं देते हैं।
इस संबंध में ग्राम प्रधान अमरनाथ ने बताया कि पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्र समय से खोला जाता है। आगनबाड़ी पर कार्यकर्ता और पंचायत भवन पर बीसी सखी रहती है।
वहीं एसडीएम कुंदन राज कपूर ने कहा कि ग्रामीणों के शिकायत की जांच कराकर नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन का संचालन कराया जाएगा।