संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। नोएडा सेक्टर-48 निवासी राधेलाल गर्ग ने निधन के बाद भी मानव सेवा की मिसाल पेश की। उन्होंने वर्षों पहले मृत्यु के बाद नेत्रदान और देहदान का संकल्प लिया था। निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा पूरी कराई। उनकी आंखें आई केयर अस्पताल, नोएडा को दान की गईं, जबकि देह राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) को चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए समर्पित की गई।
मूलरूप से दादरी क्षेत्र के रहने वाले गर्ग लंबे समय तक भारत विकास परिषद से जुड़े रहे। अंगदान और देहदान से जुड़े कार्यक्रमों से प्रभावित होकर उन्होंने दधीचि देहदान समिति के माध्यम से यह संकल्प लिया था। वह लोगों को भी अंगदान के लिए प्रेरित करते थे।
17 सितंबर को ब्रेन हेमरेज के बाद उन्हें नोएडा के नियो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बावजूद उनका निधन हो गया। इसके बाद परिजनों ने समिति से संपर्क किया। संक्रमण की स्थिति के बावजूद समिति और संबंधित संस्थानों के प्रयास से नेत्रदान और देहदान की प्रक्रिया पूरी हो सकी।
गर्ग के पुत्र नितिन गर्ग, पुत्रियां शालिनी और गुंजन तथा नातिन संस्कृति गोयल समेत परिवार के सदस्यों ने उनकी इच्छा को प्राथमिकता दी। जिम्स निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने लोगों से देहदान के लिए आगे आने की अपील की।