-पिछले माह में मिलना था अप्रैल व मई माह का राशन, उपभोक्ता परेशान
-खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिलने वाले सरकारी राशन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। लोगों का कहना है कि अप्रैल माह में दो माह का राशन मिलना था, लेकिन महीने के अंत तक भी उन्हें पूरा राशन नहीं मिल पाया। ऐसे में कार्डधारक डिपो के बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासी मुकेश, कैलाश, सुनील, सुरेश, समयदीन, शीला, लक्ष्मी, असलम का कहना है कि डिपो होल्डर द्वारा बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठे के निशान तो लगवा लिए जाते हैं, लेकिन राशन वितरण नहीं किया जा रहा। इससे लाभार्थियों में भारी नाराजगी है। कई लोगों का कहना है कि वे कई दिनों से डिपो पर जा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें अलग-अलग बहाने बनाकर लौटा दिया जाता है। लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ सही तरीके से नहीं मिल रहा है।
अनाज मंडी में चल रहे डिपो पर उठे सवाल
शहर की अनाज मंडी में संचालित कई राशन डिपो एक बार फिर विवादों में हैं। विभागीय नियमों के विपरीत वर्षों से यहां डिपो चल रहे हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी इस ओर अनदेखी करते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन डिपो पर विभाग की मेहरबानी बनी हुई है, जिसके चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। कार्ड धारकों का कहना है कि कई बार उन्हें राशन आने की सूचना तक नहीं मिल पाती, जिससे वे अपने हक से वंचित रह जाते हैं।
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डिपो होल्डरों पर लग चुके हेराफेरी के आरोप
इसके अलावा पहले भी अनाज मंडी में डिपो संचालित करने वाले कुछ डिपो होल्डरों पर राशन की हेराफेरी के आरोप लग चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के अभाव में स्थिति जस की तस बनी हुई है।
डिपो व्यवस्था में दलालों की बढ़ रही दखलंदाजी
क्षेत्र की राशन व्यवस्था में एक कथित दलाल की बढ़ती दखलंदाजी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह दलाल विभागीय अधिकारियों से भी ज्यादा प्रभाव रखता है और डिपो होल्डरों से अवैध वसूली करता है। आरोप है कि डिपो संचालन से जुड़े कई काम उसी के इशारों पर होते हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित दलाल के अधिकारियों से नजदीकी संबंध होने के कारण उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। इसी वजह से डिपो होल्डर भी मजबूरी में उसकी बात मानने को विवश रहते हैं। नागरिकों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
कम तौल का खेल, जांच से दूर कांटे
राशन वितरण के दौरान कम तौल की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कार्डधारकों का आरोप है कि उन्हें निर्धारित मात्रा से 3 से 5 किलो तक कम अनाज दिया जा रहा है, जिससे गरीब परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। शहर सहित बीसरू, पुन्हाना, गुलालता, सहित कई गांवों से ऐसी शिकायतें सामने आई है। लाभार्थियों का कहना है कि डिपो पर इस्तेमाल होने वाले कांटों (तौल मशीनों) की विभाग द्वारा कभी जांच नहीं की गई। इसी का फायदा उठाकर डिपो होल्डर मनमानी कर रहे हैं।
दो दिन पहले ही शहर सहित गावों में राशन पहुंचा है। राशन वितरण का कार्य जारी है। अगर तौल से संबंधित कोई शिकायत आती है तो उस पर कार्यवाही की जाएगी।
अब्दुल अजीज, निरीक्षक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पुन्हाना