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Noida News: करोड़पति बनाने का झांसा देकर इंजीनियर से 22 लाख की ठगी

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करोड़पति बनाने का झांसा देकर इंजीनियर से 22 लाख की ठगी
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निवेश पर मुनाफे का दिया था झांसा, साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। साइबर जालसाज महिला ने करोड़पति बनाने का झांसा देकर एक इंजीनियर से 22 लाख रुपये की ठगी कर ली। महिला ने शेयर मार्केट व आईपीओ में निवेश में मुनाफे का झांसा देकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। ग्रेटर नोएडा के रहने वाले अर्पित कुमार एक निजी कंपनी में इंजीनियर हैं। अर्पित के पास पांच नवंबर को टेलीग्राम पर एक आईडी से मैसेज आया। मैसेज करने वाली महिला ने अपना नाम सान्वी बताया। इसके बाद अर्पित और महिला के बीच टेलीग्राम पर ही बातचीत होने लगी। फिर मोबाइल नंबर का आदान प्रदान किया गया। करीब एक सप्ताह बात करने के बाद महिला ने अर्पित से कहा कि वह शेयर बाजार और ट्रेडिंग में निवेश कर लाखों रुपये प्रतिमाह घर बैठे ही कमा रही है। वह जितनी रकम निवेश करती है लगभग उतना ही उसे मुनाफा मिल जाता है। उसने अर्पित को शेयर ट्रेडिंग में निवेश के लिए प्रेरित किया।
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जब अर्पित निवेश के लिए तैयार हो गए तब सान्वी ने बेहतर फैसला बताते हुए सावित्री नाम की महिला से बात कराई। दोनों महिलाओं ने इंजीनियर को झांसे में लेकर गोमार्केट ग्लोबल सीएस टेलीग्राम ग्रुप पर जोड़ लिया। जहां पर अर्पित को शेयर मार्केट में निवेश करने की तकनीकी जानकारी दी गई। शिकायतकर्ता को बाकायदा निवेश संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उसी ग्रुप के नाम की वेबसाइट पर अर्पित का रजिस्ट्रेशन कराया गया। पीड़ित ने ठगों के बातों में आकर निवेश करना शुरू कर दिया। उन्होंने पांच से अधिक बार में कुल 22 लाख 20 हजार रुपये निवेश किए। ठगों द्वारा डाउनलोड कराई गई वेबसाइट और एप दो गुना रकम दिखाई जा रही थी। इसके बाद जब अर्पित ने रकम निकालने का प्रयास किया तब जालसाज आठ लाख रुपये की और मांग करने लगे। शक होने पर जब पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे तो उन्होंने संपर्क ही तोड़ लिया। ठगी के दौरान जितने मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया, सभी अचानक से बंद आने लगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि जिस ग्रुप में उसे निवेश संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा था, उसमें अन्य सदस्य भी थे। वे निवेश पर मुनाफे का स्क्रीनशॉट साझा कर रहे थे। एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज की गई है और उन खातों की जांच की जा रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर कराई गई है।
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