लखनऊ। साइबर जालसाजों ने कृषि विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हीरक भट्टाचार्य (79) को पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर एक करोड़ 18 लाख 55 हजार रुपये ठग लिए। जालसाजों ने बुजुर्ग को मनी लांडि्रंग में संलिप्त होने का आरोप लगाया था। जांच का झांसा देकर पीड़िता को जाल में फंसाया और फिर कई बार में रकम ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर साइबर क्राइम थाना ब्रजेश यादव के मुताबिक तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। आरोपियों ने जिन खातों में रकम मंगाई थी, उनका ब्योरा जुटाया जा रहा है। एफआईआर के मुताबिक सेक्टर 13 इंदिरानगर निवासी हीरक भट्टाचार्य के पास तीन सितंबर को सुबह 10 बजे अनजान नंबर से वाट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस ऑफिसर विजय खन्ना बताया। आरोपी ने पीड़ित से कहा कि आपके नाम से केनरा बैंक दिल्ली में एक अकाउंट खोला गया है, जिसमें लोग पैसा डाल रहे हैं। इसके संबंध में आपको ईडी के अधिकारी राहुल गुप्ता से बात करनी पड़ेगी। थोड़ी देर बाद ईडी के कथित अधिकारी राहुल गुप्ता का वाट्सएप कॉल आया। राहुल ने कहा कि आपके नाम से केनरा बैंक दिल्ली में खोले गए बैंक खाते में लोग ठगी की रकम डाल रहे हैं। इस अपराध में आपकी भी संलिप्तता पाई जा रही है।
बुर्जुग के मना करने पर जांच का दिया भरोसा : पीड़ित हीरक ने कहा कि उनका दिल्ली में कोई अकाउंट नहीं है और वह कभी दिल्ली गए भी नहीं हैं। इसपर ठगों ने उन्हें जांच का आश्वासन दिया। झांसे में लेने के बाद ठगों ने कहा कि छानबीन के बाद आपको आपकी रकम वापस कर दी जाएगी। इसके लिए आपको बैंक खातों में जमा रकम ट्रांसफर करनी होगी। झांसे में आकर हीरक ने खुद तीन बार बैंक जाकर ठगों के बताए गए खातों में रकम ट्रांसफर कर दी।
वीडियो कॉल पर बने रहो, मनी लांडि्रंग का दर्ज है केस : पीड़ित ने जब तीन बार में 44 लाख रुपये भेज दिए तब ठगों ने कहा कि आपके खिलाफ मनी लांडि्रंग का केस दर्ज है। आप किसी से भी चल रही छानबीन के बारे में बात नहीं करेंगे। आरोपियों ने कहा था कि जांच होने तक वीडियो कॉल पर ही रहना है और किसी से बात नहीं करनी है। इसके बाद पीड़ित ने ठगों के बताए गए खातों में कई बार में 74 लाख 55 हजार रुपये और भेज दिए।
रकम वापस मांगने पर करते रहे टालमटोल : पीड़ित का कहना है कि सारी रकम भेजने के बाद जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे। कई बार कहने पर आरोपी अगली तारीख देते थे। जब पीड़ित को पैसे वापस नहीं मिले तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस का कहना है कि पीड़ित ने जो फोन नंबर उपलब्ध कराए हैं, उनके बारे में छानबीन की जा रही है। जल्द ही ठगों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
डिजिटल अरेस्ट से ऐसे बचें
अगर आपके पास अनजान नंबर से काॅल आए तो सावधान हो जाएं। कॉल करने वाला शख्स यदि कहता है कि आपके नाम से खोले गए खाते में ठगी की रकम आई है... आपके नाम से पार्सल बुक है, कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है... तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ये कॉल साइबर ठग की होती है। अनजान नंबर से आने वाले वाट्सएप कॉल न उठाएं। तत्काल पुलिस से शिकायत करें।
यहां करें शिकायत
यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इनसे भी हो चुकी है ठगी
- कनाडा के रहने वालीं सुमन कक्कड़ व उनकी बहन से 1.88 करोड़ की ठगी।
- ऐशबाग निवासी सरकारी बैंक के पूर्व कर्मचारी प्रभात कुमार से 1.20 करोड़ हड़पे।
- एसजीपीजीआई की महिला डॉक्टर रुचिका टंडन से 2.81 करोड़ वसूले गए।
- हजरतगंज के अशोक मार्ग पर रहने वाले डॉक्टर पंकज रस्तोगी की पत्नी दीपा से 2.71 करोड़ की ठगी।
- हजरतगंज निवासी मरीन इंजीनियर एके सिंह से 84 लाख की ठगी हुई।
- इंदिरानगर के लक्ष्मणपुरी विस्तार निवासी निजी कॉलेज की प्रोफेसर प्रमिला मानसिंह से 78.50 लाख रुपये हड़पे गए।