घपला कहें या कुछ और लेकिन चुनाव आयोग को बताई गई 847 करोड़ की संपत्ति चंद वर्षों में ही छू मंतर हो गई। लोगों का तो यह भी कहना है कि यह आंकड़ा सही था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में जमकर बंदरबांट हुआ। इसका आभास अनिल शर्मा को भी नहीं था। यही वजह है कि एक बार में ही सबकुछ बदल गया। यही नहीं अनिल शर्मा पर चुनाव के दौरान मर्डर समेत कई अन्य आरोप भी लगे। इससे भी अनिल शर्मा की काफी बदनामी हुई। इसके अलावा गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ने इनका पासपोर्ट भी जब्त किया।
बिहार की राजधानी पटना से 70 किलोमीटर दूर पंडारक गांव में इनका जन्म हुआ। यह बिहार सरकार में बतौर सहायक अभियंता भी रहे। इन्होंने पटना के साइंस कॉलेज से पढ़ाई की। इसके बाद एनआईटी कालीकट से बीटेक और आईआईटी खड़गपुर से एमटेक किया। यही नहीं इन्होेंने एलएलबी और एमबीए भी किया।
इन्होंने दो फिल्मों में भी निवेश किया। 2002 में दिल्ली आने के बाद इन्होंने रियल एस्टेट में निवेश किया। इनका पहला प्रोजेक्ट आम्रपाली एग्जोटिका था, जिसमें इन्होंने 140 फ्लैट बनाए थे।
बाद में आगे का रास्ता खुला और क्रिकेटर एमएस धोनी को ब्रांड एंबेसडर भी बनाया। इन्होंने एफएमसीजी में भी हाथ डाला और आम्रपाली मम्स नाम से प्रोडक्ट चलाया जो कि बिग बाजार और वीमार्ट में आज भी दिखते हैं।