लखनऊ। कैसरबाग स्थित बनी अमीरूद्दौला पब्लिक लाइब्रेरी को अब स्टेट व सेंट्रल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। खराब हो रहीं किताबों को सुरक्षित किया जाएगा। लाइब्रेरी में बने मुंशी नवल किशोर संग्रहालय, बाल कक्ष, कंप्यूटर लैब व प्रतियोगी अनुभाग को भी संवारा जाएगा।
इस संबंध में शुक्रवार को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें लाइब्रेरी से जुड़ी तमाम खामियों की समीक्षा हुई। लाइब्रेरी परिसर में वित्तीय वर्ष 2025-26 की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इस दौरान मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने कंप्यूटर लैब का शुल्क निर्धारण, क्षतिग्रस्त पुस्तकों की बाइंडिंग कराने के साथ-साथ पुस्तकालय में गार्ड की संख्या बढ़ाने की मंजूरी दी है।
पूरा हुआ डिजिटाइजेशन का काम
मंडलायुक्त ने बताया कि लाइब्रेरी में किताबों के पन्नों की स्कैनिंग व डिजिटाइजेशन का काम और ई-कैटलॉग को पूरा कर लिया गया है। अब स्टेट व सेंट्रल लाइब्रेरी के तर्ज पर अमीरूद्दौला लाइब्रेरी डेवलप कराया जाएगा। साथ ही इस लाइब्रेरी के सेटअप में अंतरराष्ट्रीय मानकों को भी पूरा किया जाएगा।