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अंबाला के शख्स ने नोएडा के पते पर बनाई फर्जी फर्म, केस दर्ज

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नोएडा। फर्जी फर्म बनाकर 638.36 करोड़ रुपये के टर्नओवर पर बोगस बिलों के जरिये 126 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम करने के आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। सरकारी खजाने में सेंध लगाने वाले अंबाला के एक व्यक्ति के खिलाफ नोएडा के फेज-दो थाने में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। गौतमबुद्ध नगर में इस तरह की 19 फर्मों की पहचान की गईं हैं जो पंजीयन में दिए गए पते पर मिली ही नहीं। इनके जरिये सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचाई गई। इनमें से 15 फर्जी फर्मों से जुड़े लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को शिकायत दी जा चुकी है।
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राज्य जीएसटी विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा संभाग-बी नोएडा के सहायक आयुक्त प्रभाकर नाथ मिश्रा की तरफ से पुलिस को दी शिकायत में बताया गया कि गोपनीय सूचना के आधार पर बोगस बिल जारी करने वाली फर्म आरके इंटरप्राइजेज की जांच के लिए पहुंची तो फर्म अस्तित्व में नहीं पाई गई। पंजीयन में फेज-दो के नया गांव स्थित रवि एंक्लेव की गली नंबर-एक का पता दिया गया है। जांच टीम को जीएसटी पंजीयन में दिया गया पता और फर्म कहीं नहीं मिली। आसपास के लोगों से पूछने पर भी कोई जानकारी नहीं मिली। जीएसटी पंजीयन में दिया मोबाइल नंबर स्विच ऑफ था।
इस मामले की गहनता से जांच करने पर पता चला कि अंबाला स्थित गांव ददियाना निवासी रविदास ने गौतमबुद्ध नगर के पते पर फर्जी प्रपत्रों को अपलोड कर आरके इंटरप्राइजेज के नाम से जीएसटी पंजीयन कराया। यह फर्म अस्तित्व में है ही नहीं। राजकोष के विरुद्ध षड्यंत्र मानते हुए आईपीसी की धारा 420, 424, 467, 468, व 120बी के तहत केस दर्ज कराया गया है।
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पिछले सप्ताह 43 लोकेशन पर पड़े थे छापे
पिछले शनिवार को चार जिलों की 43 लोकेशन पर छापे मारे गए थे। गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ में 31 लोकेशन ऐसी मिली हैं, जहां फर्जी पतों पर टैक्स की हेराफेरी के लिए कागजों में ही फर्म चलाई जा रही थीं। चार दिन तक डाटा एनालिसिस के बाद गौतमबुद्ध नगर की 19 अस्तित्व विहीन फर्मों का खुलासा हुआ था।
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